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आर्थिक सुधार जारी रहे तो बदलेगी 'भारत की तस्वीर', इंटरनेशनल ब्रोकरेज हाउस ने ग्रोथ को लेकर जताया ये बड़ा अनुमान

Goldman Sachs ने कहा कि भारत में आर्थिक सुधारों के जारी रहने से 6 फीसदी से ज्यादा की विकास दर हासिल करना संभव है.

Goldman Sachs ने कहा कि भारत में आर्थिक सुधारों के जारी रहने से 6 फीसदी से ज्यादा की विकास दर हासिल करना संभव है.

इंटरनेशनल ब्रोकरेज हाउस गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि 2023 के दौरान मध्यम अवधि में आर्थिक सुधारों को जारी रखने से भारत को वर ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ब्रोकरेज हाउस ने कहा- यह दशक भारत के लिए आर्थिक विकास, रोजगार निर्माण का बड़ा अवसर हैं.
सरकार पिछले कई वर्षों से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.
भारत सरकार आर्थिक सुधारों को लेकर बजट में अहम घोषणाएं कर सकती है. 

नई दिल्ली. इंटरनेशनल ब्रोकरेज हाउस गोल्डमैन सैक्स ने 2023 को लेकर अपने आउटलुक में कहा कि मध्यम अवधि में आर्थिक सुधारों को जारी रखने से भारत को वर्तमान में अनुमानित 6 प्रतिशत से अधिक की संभावित आर्थिक विकास की दर को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.

ब्रोकरेज हाउस ने कहा, “इस दशक में भारत के लिए आर्थिक विकास और रोजगार निर्माण का सबसे बड़ा अवसर विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण हब विकसित करना है. क्योंकि दुनियाभर में सप्लाई चैन पुर्नगठित हो रही है.” हालांकि वास्तव में मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनने के लिए सभी संबंधित सरकारी विभागों में एक समन्वित रणनीति की आवश्यकता होगी, ताकि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारत में यूनिट्स स्थापित करना वास्तव में आसान हो सके.

बजट में आर्थिक सुधारों पर हो सकती हैं घोषणाएं

उम्मीद की जा रही है कि भारत सरकार 1 फरवरी को अगले वित्त वर्ष के लिए अपना बजट पेश करेगी, इस उम्मीद के बीच कि वह मध्यम अवधि के विकास को बढ़ावा देने के लिए सुधारों और बुनियादी ढांचे पर खर्च जारी रखेगी.

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सरकार पिछले कई वर्षों से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और निजी निवेश में भीड़ के लिए बुनियादी ढांचे पर अपना खर्च भी बढ़ाया है. इसने सभी क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं भी शुरू की हैं.

इससे पहले गोल्डमैन सैक्स अगले फाइनेंशियल ईयर में भारत की जीडीपी का अनुमान घटाकर 5.9 फीसदी कर चुकी है. ब्रोकरेज हाउस के अर्थशास्त्रियों ने रिपोर्ट में कहा है कि अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत की अर्थव्यवस्था धीमी रह सकती है.

लेकिन दूसरी छमाही में, विकास दर में फिर से तेजी आने की संभावना रहेगा. क्योंकि वैश्विक स्तर पर हालात सुधरेंगे और इसका फायदा मिलेगा. एजेंसी को लगता है कि रिटेल महंगाई भी इस वर्ष अनुमानित 6.8 फीसदी के मुकाबले अगले साल 6.1 फीसदी तक कम हो जाएगी.

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