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Indian Economy के लिए झटका! 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनना मुश्किल, जानें एक्‍सपर्ट्स की राय

Indian Economy के लिए झटका! 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनना मुश्किल, जानें एक्‍सपर्ट्स की राय

पीएम नरेंद्र मोदी ने 2025 तक भारत को 5,000 अरब डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्‍य रखा है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने 2025 तक भारत को 5,000 अरब डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्‍य रखा है.

यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाच्‍युसेट्स के प्रोफेसेर वामसी वकुलभरणम का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) 2019 के दौरान के अपने आकार की तुलना में अगले वर्ष में काफी अवधि तक कम रहेगी.

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी के कारण कारोबारी गतिविधियों (Business Activities) के थामने से आई आर्थिक नरमी के कारण भारत शायद ही वित्‍त वर्ष 2024-25 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था (5 trillion Dollar Economy) बन पाए. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वित्‍त वर्ष 2024-25 तक भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है. हालांकि, देश-दुनिया के अर्थशास्त्रियों का कहना (Economist Opinion) है कि तय अवधि के अंदर इस लक्ष्‍य को हासिल करना काफी मुश्किल होगा.

    वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था के मुकाबले भारत की आर्थिक गिरावट तेज
    यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाच्‍युसेट्स के प्रोफेसेर वामसी वकुलभरणम का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2019 के दौरान के अपने आकार की तुलना में अगले वर्ष में काफी अवधि तक कम रहेगी. उन्‍होंने कहा कि भले ही सब कुछ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से मौजूदा विकास अनुमानों के मुताबिक चल रहा हो, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था 2019 की तुलना में अगले वर्ष काफी अवधि तक कम ही रहेगी. उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी साफ तौर पर आर्थिक नरमी का सबसे महत्वपूर्ण कारण है. इसकी वजह से अन्य विकासशील देशों और वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) के मुकाबले भारत की आर्थिक गिरावट बहुत तेज है.

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    अगले 4 साल तक सालाना 13% की दर से करनी होगी वृद्धि
    अर्थशात्री वकुलभरणम ने कहा कि वर्तमान में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का आकार 3,000 अरब डॉलर से कम है. अगर इसे अगले चार साल के भीतर 5,000 डॉलर तक पहुंचना है तो अर्थव्यवस्था को औसतन 13 फीसदी से अधिक की दर से सालाना वृद्धि करनी होगी. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और रिजर्व बैंक ने हाल में वृद्धि दर (Growth Rate) के अनुमानों को घटाया है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) के ताजा अनुमान के अनुसार, अर्थव्यवस्था में वित्त वर्ष 2020-21 में 7.3 फीसदी की गिरावट आई. आरबीआई के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 9.5 फीसदी रहेगी.

    Tags: Dollar, Economy, IMF, Indian economy, Pm narendra modi, Reserve bank of india

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