अब रेटिंग एजेंसी CRISIL ने भी घटाया भारत की वृद्धि दर का अनुमान, कर दिया 8.2 फीसदी

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर खत्‍म होने के समय पर आर्थिक वृद्धि दर निर्भर होगी.

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर खत्‍म होने के समय पर आर्थिक वृद्धि दर निर्भर होगी.

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ने साफ किया कि कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत की अनुमानित 11 फीसदी आर्थिक वृद्धि दर (Growth Rate) के घटने का जोखिम हो सकता है. साथ ही कहा कि अगर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर मई 2021 के आखिर तक ही रहती है तो आर्थिक वृद्धि 9.8 फीसदी रह सकती है.

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नई दिल्‍ली. ग्‍लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) दर अपने पिछले अनुमान को घटा दिया है. क्रिसिल ने अब देश की आर्थिक वृद्धि दर 8.2 फीसदी पर सीमित रहने का अनुमान जताया है. रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि अगर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर (Second Wave of Coronavirus) जून 2021 के आखिर के बाद कम हो जाए तो वित्‍त वर्ष 2021-22 में भारत की आर्थिक वृद्धि 8.2 फीसदी रह सकती है. बता दें कि इससे पहले क्रिसिल ने 11 फीसदी आर्थिक वृद्धि का अनुमान जताया था.

दूसरी लहर ज्‍यादा समय रही तो और घट सकती है आर्थिक वृद्धि

क्रिसिल ने साफ किया कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारत की अनुमानित 11 फीसदी आर्थिक वृद्धि दर के घटने का जोखिम हो सकता है. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अगर मई 2021 के आखिर तक ही रहती है तो आर्थिक वृद्धि 9.8 फीसदी रह सकती है. अगर दूसरी लहर जुलाई 2021 तक रही तो वृद्धि दर के 8.2 फीसदी तक रहने का अनुमान है. आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) 7.6 फीसदी तक घटी थी. कोरोना की दूसरी लहर के बाद वृद्धि दर के घटने का जोखिम बन गया है.

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रेटिंग एजेंसी ने बनाए रखा है 15 फीसदी राजस्‍व वृद्धि का अनुमान

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोरोना संक्रमण का तेजी से फैलना और वैक्‍सीनेशन की कम रफ्तार है. महामारी की दूसरी लहर वैश्विक स्तर पर बहुत बड़े स्‍तर पर फैली, लेकिन भारत में संक्रमण दर के बढ़ने के साथ मृत्यु दर में कमी (Low Death Rate) दर्ज की गई है. एजेंसी ने कहा कि भारत पूरी तरह से वैक्‍सीनेशन (Corona Vaccination) करने वाली आबादी के मामले में काफी नीचे है. अगर अक्टूबर तक देश की आधी आबादी को कोरोना की वैक्‍सीन लग जाती है तो अच्छा होगा. रेटिंग एजेंसी ने हालांकि 15 फीसदी राजस्व वृद्धि (Revenue Growth) का अनुमान बनाए रखा है.

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