..तो क्या सुधर रही है भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत? जानिए कब तक आ जाएगी खराब दौर से बाहर

..तो क्या सुधर रही है भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत? जानिए कब तक आ जाएगी खराब दौर से बाहर
..तो क्या सुधर रही है भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत? जानिए कब तक आएगी तेज़ी

भारत में अर्थव्यवस्था कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण डूबने की कगार पर आ गई थी. लेकिन जुलाई में कारोबारी गतिविधियां थोड़ी सुधरी हैं. सर्विस और एक्सपोर्ट सेक्टर (Service & Export Sector) में आने वाले इस सुधार को देखते हुए कहा जा रहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था में थोड़ी तेज़ी आ सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2020, 7:23 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में अर्थव्यवस्था कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण डूबने की कगार पर आ गई थी. लेकिन जुलाई में कारोबारी गतिविधियां थोड़ी सुधरी हैं. सर्विस और एक्सपोर्ट सेक्टर (Service & Export Sector) में आने वाले इस सुधार को देखते हुए कहा जा रहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था पिछली तिमाही के बदतर प्रदर्शन से मौजूदा तिमाही में कुछ बेहतर प्रदर्शन कर सकती है.

अर्थव्यवस्था का संकेत देने वाले 8 इंडिकेटर में सिर्फ 5 ने पिछले महीने सुधार दर्ज किया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है. अर्थव्यवस्था के हालत का संकेत देने वाले 8 इंडिकेटर में से दो में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि एक की हालत और खराब हुई है. इससे इकनॉमी की समग्र स्थिति थोड़ी सी बेहतर होती दिखाई दे रही है. अर्थव्यवस्था के इंडिकेटर में 3 महीने के वेटेज का औसत निकाला गया और उसकी एक महीने के आंकड़ों से तुलना की गई. इससे यह संकेत मिलता है कि भारत की अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे रिकवरी आ रही है.

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भारत की जीडीपी में करीब 20 फ़ीसदी की कमी आने की संभावना 
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए दुनिया के इतिहास में सबसे बड़े लॉकडाउन के बाद पिछली तिमाही में भारत में कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ गई थी. 31 अगस्त को पिछली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं और आशंका जताई जा रही है कि एक साल पहले की तुलना में इस तिमाही में भारत की जीडीपी में करीब 20 फ़ीसदी की कमी आ सकती है.

2021 के शुरुआती महीने से देश में मंदी का असर कम होना हो सकता है शुरू 
ब्लूमबर्ग के एक सर्वे में हालांकि यह भी कहा गया है कि कारोबारी गतिविधियों में किसी भी सुधार की गति धीमी रह सकती है. सितंबर तिमाही में यह सुधार धीमा ही चलने के आसार हैं. मौजूदा हालात को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत में आर्थिक संकट का दौर इस साल के आखिर तक जारी रह सकता है. उम्मीद की जा रही है कि अगले साल यानी 2021 के शुरुआती महीने से देश में मंदी का असर कम होना शुरू हो सकता है. रॉयटर्स के एक पोल के मुताबिक देश में कोरोना वायरस प्रकोप के कारण खपत और कारोबारी गतिविधियों में कमी के कारण हालात खराब होते चले गए हैं.
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