RBI के बाद अब IMF ने माना भारतीय अर्थव्यवस्था में आने लगी रिकवरी, अगले साल फिर बनेगी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था

अगले साल भारतीय अर्थव्यवस्था फिर बनेगी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
अगले साल भारतीय अर्थव्यवस्था फिर बनेगी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था

आईएमएफ ने अपने बाई-एनुअल वर्ल्ड इकोनॉमी आउटलुक में कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज रिकवरी के संकेत मिलने लगे है. अगले साल भारतीय जीडीपी ग्रोथ दुनिया में सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 3:30 PM IST
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नई दिल्ली. RBI के बाद आईएमएफ ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज रिकवरी की बात कही है. आईएमएफ ने बाई-एनुअल वर्ल्ड इकोनॉमी आउटलुक में कहा है कि इस साल सभी इमर्जिंग मार्केट और डेवलपिंग इकोनॉमी में गिरावट की आशंका है. इसमें खासतौर पर भारत और इंडोनेशिया जैसी बड़ी इकोनॉमी शामिल हैं, जो कोरोना महामारी को काबू करने में प्रयासरत हैं. भारत के संदर्भ में आईएमएफ ने दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी पर अपने पहले के अनुमान को बदला है. अनुमान के मुताबिक, 2020 में अर्थव्यवस्था में 10.3% की गिरावट की आशंका है.

RBI को तेज रिकवरी की उम्मीद- आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ये उम्मीद जताई है कि जनवरी-मार्च 2021 यानी चालू वित्त वर्ष के अंतिम और चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ पॉजिटिव (GDP Growth Positive) में देखने को मिल सकती है. हालांकि आरबीआई गवर्नर ने यह भी अनुमान लगाया कि चालू वित्त वर्ष यानी 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ शून्य से 9.5 फीसदी नीचे रह सकती है.

अगले साल भारत फिर से बनेगा नंबर-1: कोविड 19 महामारी से प्रभावित भारत सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अनुमान जाहिर किया है. आईएमएफ के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10.3 फीसदी की गिरावट दर्ज हाे सकती है. लेकिन आईएमएफ ने इसी के साथ एक और अनुमान जताया है कि अगले वित्तीय वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था शायद 8.8 फीसदी गति से बढ़े और यह दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था फिर से बन जाए. इस दौरान चीन की 8.2 फीसदी की दर से बढ़ सकती है.



भारत के जीडीपी का अनुमान- विश्व बैंक ने भी अपनी साउथ एशिया इकनोमिक फोकस रिपोर्ट में जिक्र किया है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी शून्य से 9.6 फीसदी रह सकती है. वहीं एडीबी ने भी चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी 9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. घरेलू रेटिंग एजेंसी CARE रेटिंग ने भी अपने रिपोर्ट में कहा है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ शून्य से 8-8.2 फीसदी रह सकती है.
वहीं, फिंच रेटिंग एजेंसी ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ शून्य से 10.5 फीसदी नीचे रह सकती है. इंडिया रेटिंग और रिसर्च ने भी -11.8 फीसदी जीडीपी का अनुमान लगाया है. रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की जीडीपी -11.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.
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