मालदीव को पर्याप्त वित्तीय राहत पैकेज देगी भारत सरकार, जल्द ऐलान किए जाने की उम्मीद

मालदीव को पर्याप्त वित्तीय राहत पैकेज देगी भारत सरकार, जल्द ऐलान किए जाने की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह (File Photo)

मालदीव की राजधानी माले (Male) स्थित भारतीय उच्चायुक्त ने कहा है कि भारत सरकार बहुत जल्द पर्याप्त वित्तीय सहायता पैकेज (Financial Assistance to Maldives) का ऐलान करेगी. कोरोना वायरस महामारी की वजह से मालदीव का पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.. इस वजह से वहां की ​अर्थव्यवस्था की हालत खराब है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 26, 2020, 11:06 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. बहुत जल्द ही दक्षिण एशियाई देश मालदीव (Maldives) के लिए भारत 'पर्याप्त वित्तीय सहायता पैकेज' (Financial Package for Maldives) का ऐलान कर सकता है. कोरोना वायरस की वजह से मालदीव की अर्थव्यवस्था (Maldives Economy) की रीढ़ कहा जाने वाला टूरिज्म (Tourism in Maldives) सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. मालदीव की राजधानी और सबसे बड़ा शहर माले में भारतीय उच्चायुक्त ने वहां की स्वतंत्रता दिवस पर दोनों देशों की बीच संबंध पर कहा, 'दोनों देशों की एतिहासिक दोस्ती एक और शानदार भविष्य की ओर बढ़ रही है.' भारतीय उच्चायुक्त के बयान में कहा गया, 'मालदीव के लिए पहली नीति और पड़ोसियों के लिए भारत की नीति ने इस बढ़ती दोस्ती में नई नींव रखी है.'

मालदीव को दवाई व फूड आइटम्स भी उपलब्ध कराया
मालदीव में लिक्विडिटी समस्या को देखते हुए मदद के तौर पर भारत ने पहले ही 40 करोड़ डॉलर के करंसी स्वैप व्यवस्था को बढ़ा दिया है. साथ ही, 'ऑपरेशन संजीवनी' के तहत भारत ने मालदीव को 6.2 टन दवाईयां भी उपलब्ध कराई हैं. इसके अलावा मौजूदा महामारी के बीच 600 टन फूड आइटम्स भी भेजा है.

भारत की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, 'मालदीव की अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करने के लिए बहुत जल्द ही भारत ​पर्याप्त वित्तीय राहत पैकेज का ऐलान करेगा और कोविड-19 संकट के बाद आर्थिक रिकवरी में मदद करेगा.'
यह भी पढ़ें: होम लोन पर कर सकते हैं लाखों रुपये की बचत, जानिए क्या है तरीका



मालदीव के अर्थव्यवस्था की रीढ़ है पर्यटन
विश्व बैंक के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी की वजह से मालदीव की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि यह प्रमुख तौर पर पर्यटन पर निर्भर है. मालदीव की कुल जीडीपी में इस सेक्टर का योगदान करीब दो तिहाई है. विश्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर मालदीव को लेकर लिखा है, 'पर्यटन को हुए नुकसान ने यहां के रोजगार और लोगों की कमाई को बुरी तरह से प्रभावित किया है. यहां पर एक तिहाई व्यस्क पुरुष और करीब एक चौथाई महिलाएं पर्यटन संबंधी नौकरी करते हैं.' कच्ची मछली के निर्यात में कमी आने के अलावा कंस्ट्रक्शन क्षेत्र पर भी असर पड़ा है. यहां की अर्थव्यवस्था इससे भी प्रभावित हुई है.

चीन के कर्ज तले डूबा है मालदीव 
दिसंबर 2018 में, भारत ने मालदीव को 1.4 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान की थी. यह ऐलान तब हुआ था, जब मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह (Ibrahim Mohamed Solih) भारत आए थे. इस दौरान न्यूज रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मालदीव पर चीन के कर्ज का बोझ करीब 3 अरब डॉलर का है और अब वो भारत और सऊदी अरब से मदद की तलाश में है. चीन से यह कर्ज मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन (Abdulla Yameen) के कार्यकाल के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए लिया गया था, जिसके निर्माण की जिम्मेदारी भी एक चीनी कंपनी पर ही थी.

यह भी पढ़ें: महंगाई काबू करने के लिए फिर ब्याज दरें घटा सकता है RBI, लोन रिस्ट्रक्चरिंग की भी मांग

भारत की तरफ से यह बयान एक ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही RBI (Reserve Bank of India) ने श्रीलंका को 40 करोड़ डॉलर स्वैप के लिए औपचारिकताओं को पूरा किया है. यह रीजनल फ्रेमवर्क के तहत किया गया है, जिसमें दो अन्य देशों के 1 अरब डॉलर का करंसी स्वैप किया जाएगा. इसे द्विपक्षीय आधार पर किया जाएगा.

आरबीआई और श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के बीच 40 करोड़ डॉलर का यह करंसी स्वैप नवंबर 2022 तक उपलब्ध होगा. इस पर साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन (SAARC) फ्रेमवर्क के दौरान फैसला लिया गया था. मालदीव की तरह ही श्रीलंका की अर्थव्यवस्था भी पर्यटन पर ही निर्भर है और वहां भी मौजूदा महामारी से भारी नुकसान हुआ है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading