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China काे लेकर भारत सख्त, कहा-FDI में अभी या निकट भविष्य में नहीं होगा बदलाव

देश में चीन के कुल 12000 करोड़ रुपए के एफडीआई प्रस्ताव लंबित पड़े हैं.
देश में चीन के कुल 12000 करोड़ रुपए के एफडीआई प्रस्ताव लंबित पड़े हैं.

वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चायना काे लेकर भारत का रूख साफ किया कि भारत और चाइना के विवाद के चलते ना ताे वर्तमान में और ना ही निकट भविष्य में फॉरेन डायरेक्टर इंवेस्टमेंट (FDi) नीति काे लेकर काेई भी बदलाव की उम्मीद है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 8:19 PM IST
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नई दिल्ली. भारत और चीन के विवाद के चलते वर्तमान और निकट भविष्य में फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट (FDI) नीति काे लेकर किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है. वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चीन काे लेकर FDI पर भारत का रुख साफ किया. उन्हाेंने यह भी कहा कि चीन के सभी निवेशों को प्रक्रियाओं और सरकारी मंजूरी मार्ग का पालन करना होगा, केवल उन निवेशों को मंजूरी दी जाएगी जो भारतीय सुरक्षा हितों पर कोई प्रभाव नहीं डालते हैं. कोई भी चीनी कंपनी जो संभावित रूप से भारत की सुरक्षा पर प्रतिबंध लगाती है, उसे मंजूरी नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों ने हाल की उन  मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कि सीमा पर तनाव को कम करने के साथ, भारत ने विभिन्न चीनी एफडीआई को मंजूरी दी है और कई पाइपलाइन में हैं. मालूम हाे देश में चीन के कुल 12000 करोड़ रुपए के एफडीआई प्रस्ताव लंबित पड़े हैं.


मालूम हाे  पूर्वी सीमा पर गालवान में हुई झड़प के बाद भारत ने भारत में आने वाले चीनी निवेश प्रवाह पर शिकंजा कस दिया है और कई चीनी ऐप्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि बीजिंग का कहना है कि ये कार्रवाई विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के लोकाचार और नियमों के खिलाफ है.  हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि तीन प्रस्ताव, जो हाल ही में मंजूरी दे दिए गए हैं, हांगकांग में आधारित हैं और एक जापानी मूल की कंपनी है; वे सभी सुरक्षा मापदंडाे में खरे उतरे जिसके बाद उन्हें मंजूरी दे दी है. सूत्रों ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार निवेशों की निकासी का संबंध से कोई संबंध नहीं था. 22 जनवरी को बैठक के दौरान ये प्रस्ताव आए थे और 5 फरवरी को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा मंजूरी दे दी गई थी. 


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एक कंपनी जिसे गो-फॉरवर्ड मिला है, वह निप्पॉन पेंट होल्डिंग्स कंपनी लिमिटेड, जापान (निप्पॉन जापान) है. निप्पॉन जापान टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है. एक अन्य एफडीआई प्रस्ताव, जिसे मंजूरी दी गई है, वह है सिटीजन वॉचेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (सिटीजन वॉचेज (एचके) लिमिटेड, हांगकांग (सिटीजन वॉचेस हॉन्ग कॉन्ग), जो सिटीजन वॉचेस कंपनी लिमिटेड, यह भी जापान टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है.  नेटप्ले स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के एफडीआई प्रस्ताव को भी हाल ही में मंजूरी दे दी गई है, वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, नेटप्ले इंडिया खेल, मनोरंजन और मनोरंजन गतिविधियों में शामिल है. निवेश कंपनी ने अंतर-अलिया, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, फुटबॉल के लिए खेल सुविधाओं / केंद्रों की एक श्रृंखला स्थापित की है. निवेश कोष के साथ चार और खेल केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव है.
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