6 साल में मंत्रियों और अधिकारियों को मिले 17.74 करोड़ रुपये के गिफ्ट्स, किसके हिस्से सबसे कीमती तोहफा?

विदेश नीति में गिफ्ट के लेनदेन का चलन करीब 7 दशक से है.

स्वतंत्र भारत में मित्र देशों से गिफ्ट्स का अदान-प्रदान दशकों पुराना चलन है. पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सबसे महंगा गिफ्ट मिला है. केवल मंत्री ही नहीं बल्कि नौकरशाहों को भी उनके विदेश दौर पर महंगे गिफ्ट्स मिलते हैं.

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    नई दिल्ली. भारत स्वतंत्र होने के बा​द मित्र देशों को गिफ्ट के तौर हाथियां भेजता था. इसके बाद कूटनीतिक रिश्तों के लिए आम भी भेजे जाते थे. लेकिन, बीते 7 दशक में गिफ्ट का ये दौर बहुत हद तक बदल चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक लीडर्स को भगवत गीता गिफ्ट के रूप में दिया. लेकिन, इंडियन लीडर्स को इसके रिटर्न में क्या मिलता है? विदेश नीति में गिफ्ट के लेनदेन का चलन करीब 7 दशक से है. पीएम मोदी के कार्यकाल में 230 भारतीय अधिकारियों को 2,800 के करीब गिफ्ट्स मिले हैं. ये अधिकारी विभिन्न मंत्रालयों के हैं. अगर इन सभी गिफ्ट्स को आज बाजार में बेचने के​ लिए भेजा जाए तो इनकी कुल कल करीब 17.74 करोड़ रुपये होगी.

    विदेशी दौरे पर डेलिगेट्स को मिलने वाले ये ​सभी गिफ्ट्स भारत सरकार के तोशखाना में जाता है. बिजनेस अखबार मिंट ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में कई जानकारी दी है. पीएम मोदी के कार्यकाल में विदेशों की गिफ्ट्स की लिस्ट देखी जाए तो इसमें ज्वेलरी से लेकर महंगी घड़ियां, आर्टिफैक्ट्स और गैजेट्स तक शामिल हैं. जून 2014 से फरवरी 2020 के बीच मिले 60 फीसदी गिफ्ट्स की कीमत 5,000 रुपये से कम है. जबकि 3 फीसदी ऐसे​ गिफ्ट्स हैं जिनकी कीमत 1 लाख रुपये तक है.

    सुषमा सवराज को मिला सबसे महंगा गिफ्ट
    2019 में तत्कालीन विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज को 6.7 करोड़ रुपये कीमत की सिल्वर डायमंड एमराल्ड ​ज्वेलरी सेट मिला था. इस दौर का यह सबसे महंगा गिफ्ट है. आमतौर पर प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री को सबसे महंगे गिफ्ट्स मिलते हैं. लेकिन 2018 में ब्यूरोक्रेट्स को सबसे ज्यादा और कीमती गिफ्ट्स मिले. 2018 और 2019 में तोशखाना के सबसे ज्यादा महंगे गिफ्ट्स आए. 2013 के पहले को कोई डेटा मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है.

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2015 में नेकलेस और ईयररिंग्स का एक सेट मिला था, जिसकी कीमत 35 लाख रुपये बताई गई है. मंत्रियों और नौकरशाहों को कफलिंक्स, क्रोकरीज, मेमेंटो, सांस्कृतिक आर्टिफैक्ट्स, पेंटिंग्स, फोटो, गैजेट्स और कुर्ते तक गिफ्ट में मिले हैं. कुछ जगहों से शराब की महंगी बोतलें भी गिफ्ट में मिली हैं. पर्सनलाइज्ड गिफ्ट की बात करें तो पीएम मोदी को मार्बल स्टोन पर उनकी तस्वीर और उनके बारे में हिंदी में एक कविता तक गिफ्ट के रूप में मिली है.

    किसे मिला सबसे ज्यादा गिफ्ट?
    पीएम मोदी द्वारा 2014 में शपथ लेने के बाद उनके नाम पर अब तक 650 से ज्यादा गिफ्ट्स हैं. दूसरे और तीसरे नंबर पर सुषमा स्वरात और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नाम है. हालांकि, इन गिफ्ट्स के सोर्स को संवेदनशील जानकारी माना जाता है और इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती है. यह सूचना के अधिकार के दायरे में भी नहीं आता है.

    कीमत चुकाने के बाद घर ले जाने की अनुमति
    इन गिफ्ट्स को तोशखाना में डिपॉजिट के बाद इनकी बाजार वैल्यू के बारे में पता किया जाता है. जिन मंत्रियों या अधिकारियों को ये गिफ्ट मिलते हैं, वो इसे अपने घर भी ले जा सकते हैं. लेकिन, अगर इसकी कीमत 5 हजार रुपये से ज्यादा है तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी होती है. अधिकतर गिफ्ट्स तोशखाना में या नेशनल म्यूजियम में ही रखा जाता है. उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि 2,770 गिफ्ट्स में से 592 गिफ्ट्स को मंत्री या अधिकारी अपने घर ले गए हैं. इसमें अधिकतर की कीमत 5,000 रुपये से कम है. केवल 41 ऐसे गिफ्ट्स रहे जिनके लिए 3.52 लाख रुपये चुकाकर घर ले जाया गया है.

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    पूर्व केंद्रीय एम जे अकबर और पूर्व उप—राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने 45 हजार रुपये एक कार्पेट और पेंटिंग के लिए चुकाया है ताकि वो इसे अपने पास रख सकें. हाल के दिनों में तोशखाना में चुकाई जाने वाली यह सबसे ज्यादा रकम है. एम जे अकबर ने कफलिंक्स और ज्वेलरी बॉक्स को भी उसकी कीमत चुकाने के बाद अपने पास रखे हैं.

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