प्राइवेट ट्रेन पर दूसरी बैठक में IRCTC समेत 23 कंपनियां हुई शामिल, 2027 तक चलेंगी 151 प्राइवेट ट्रेनें

प्राइवेट ट्रेन पर दूसरी बैठक में IRCTC समेत 23 कंपनियां हुई शामिल, 2027 तक चलेंगी 151 प्राइवेट ट्रेनें
2027 तक चलेंगी 151 प्राइवेट ट्रेनें

Private Train: भारतीय रेलवे ने प्राइवेट ट्रेनें चलाने के लिए प्राइवेट कंपनियों के लिए दूसरी प्री-बिड बुलाई. इस बैठक में 23 कंपनियों ने भाग लिया. इन कंपनियों में बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्टेशन इंडिया, गेटवे रेल, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड, JKB इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 6:02 PM IST
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नई दिल्ली. देश में प्राइवेट ट्रेन (Private Trains) चलाने के लिए आज भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने दूसरी प्री-बिड कॉन्फ्रेंस (Pre Bid Conference) की. 12 क्लस्टर में प्राइवेट ट्रेनों को चलाने के लिए की गई प्री-बिड में 23 कंपनियां हिस्सा ली. बता दें कि पहली प्री बिड मीटिंग में रेलवे को अच्छा रिस्‍पॉन्‍स मिला था. PSU से लेकर ग्लोबल फर्म पहली प्री बिड मीटिंग में शामिल हुई थीं. GMR, IRCTC, Bombardier, Vedanta समेत 16 कंपनियों पहली प्री बिड मीटिंग में शामिल हुई थीं.

दूसरी प्री-बिड में ये कंपनियां हुई शामिल
रेलवे द्वारा प्राइवेट ट्रेनों को चलाने को लेकर बुलाई गई प्री-बिड मीटिंग में 23 कंपनियां शामिल हुई. इनमें Medha, स्टरलाइट पावर (Sterlite Power), भारत फोर्ज (Bharat Forge), GMR Infrastructure Ltd, I-Board India Pvt Ltd, IRCTC Limited, BEML, सिमंस लिमिटेड आदि शामिल है.

2027 तक चलेंगी 151 प्राइवेट ट्रेनें
सरकार को उम्मीद है कि प्राइवेट प्लेयर ट्रेन प्रोजेक्ट में 30,000 करोड़ का निजी निवेश आ सकता है. रेलवे ने अप्रैल 2023 तक पहली प्राइवेट ट्रेन को पटरी पर दौड़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. प्राइवेट ट्रेनों के संबंध में रेलवे की योजना 2022-23 में ऐसी 12 ट्रेनें चलाने की है. इसके बाद वर्ष 2023-24 में 45, वर्ष 2025-26 में 50 और इसके अगले वित्त वर्ष में 44 ट्रेनें शुरू करने की योजना है. इस तरह वित्त वर्ष 2026-27 तक कुल 151 ट्रेनें शुरू की जाएंगी.



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निजी कंपनी रेलवे को करेगी कई तरह के भुगतान
निजी कंपनी रेलवे को निर्धारित ढुलाई शुल्क, वास्तविक खपत के अनुसार ऊर्जा शुल्क और पारदर्शी राजस्व प्रक्रिया के जरिये निर्धारित सकल राजस्व में हिस्सेदारी का भुगतान करेगी. निजी कंपनी की ओर से चलाई जाने वाली गाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन समय की पाबंदी (Punctuality), विश्वसनीयता (Reliability), रेलगाड़ियों के रखरखाव (Maintenance) के आधार पर होगा. निजी क्षेत्र की ओर से संचालित ट्रेनों के लिए भारतीय रेलवे सिर्फ ड्राइवर और गार्ड उपलब्‍ध कराएगा.

160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी प्राइवेट ट्रेनें
इस पहल का मकसद मॉडर्न टेक्‍नोलॉजी रोलिंग स्टॉक को रेलवे नेटवर्क में पेश करने के साथ ही कम रखरखाव, ज्‍यादा रफ्तार, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, ज्‍यादा सुरक्षा देना, यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव कराना है. इसमें बताया गया है कि हर निजी ट्रेन में कम से कम 16 डिब्बे होंगे. ये ट्रेनें अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी. इन ट्रेनों का रोलिंग स्टॉक निजी कंपनी खरीदेगी. मेंटेनेंस की जिम्‍मदारी भी उसी कंपनी की होगी.
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