कोरोना काल में दोगुनी हुई Freight ट्रेन की रफ्तार, माल ढुलाई भी बढ़ी

कोरोना काल में दोगुनी हुई Freight ट्रेन की रफ्तार, माल ढुलाई भी बढ़ी
कोरोना काल में मालगाड़ी की बढ़ी रफ्तार

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन के दौरान दीर्घकालिक और दूरगामी लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया था. इसके परिणामस्वरूप, इस अवधि के दौरान रेलवे द्वारा लगभग 200 आधारभूत संरचनाओं के निर्माण का काम पूरा किया गया है. अब रेलवे द्वारा माल ढुलाई में भी मील का पत्थर प्राप्त कर लिया गया है.

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नई दिल्ली. मिशन मोड पर काम करते हुए भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने कोविड-19 (COVID-19) संबंधित चुनौतियां के बावजूद मालगाड़ी की रफ्तार और माल ढुलाई को आगे बढ़ाते हुए एक उपलब्धि हासिल की है. 27 जुलाई 2020 को माल लदान 3.13 मीट्रिक टन था जो कि पिछले वर्ष इसी तिथि की तुलना में ज्यादा है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन के दौरान दीर्घकालिक और दूरगामी लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया था. इसके परिणामस्वरूप, इस अवधि के दौरान रेलवे द्वारा लगभग 200 आधारभूत संरचनाओं के निर्माण का काम पूरा किया गया है. अब रेलवे द्वारा माल ढुलाई में भी मील का पत्थर प्राप्त कर लिया गया है.
माल ढुलाई में किए गए इन सुधारों को संस्थागत रूप दिया जाएगा और आने वाले समय में शून्य आधारित टाइम टेबल में शामिल किया जाएगा. इन उपायों के माध्यम से, माल ढुलाई और रेलवे की आय में बढ़ोत्तरी होगी और पूरे देश के लिए प्रतिस्पर्धी संचालन लागत में बहुत हद तक बढ़ोतरी होगी.

कोरोना काल में बढ़ी मालगाड़ी की रफ्तार
कोरोना काल में मालगाड़ियों की रफ्तार दोगुनी हो गई है. 27 जुलाई 2020 को मालगाड़ी की औसत गति 46.16 किमी प्रति घंटे थी, जो पिछले साल की इसी तारीख (22.52 किमी प्रति घंटे) की तुलना में दोगुनी है. रेलवे की मालगाड़ी की औसतन रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है. लेकिन कोरोना काल में यात्री ट्रेनों के बंद होने से मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ गई है. इस वर्ष जुलाई माह में, मालगाड़ियों की औसत गति 45.03 किमी प्रति घंटा रही है जो कि  पिछले वर्ष इस माह की तुलना में लगभग दोगुनी है.
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54.23 किमी प्रति घंटे की औसत गति के साथ पश्चिम मध्य रेलवे, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे 51 किमी प्रति घंटे की औसत गति के साथ, पूर्व मध्य रेलवे 50.24 किमी प्रति घंटे की औसत गति के साथ, पूर्व तट रेलवे 41.78 किमी प्रति घंटे औसत गति के साथ, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे 42.83 किमी प्रति घंटे औसत गति के साथ, दक्षिण पूर्व रेलवे 43.24 किमी प्रति घंटे औसत गति के साथ और पश्चिम रेलवे 44.4 किमी प्रति घंटे औसत गति के साथ, भारतीय रेलवे में मालगाड़ियों की औसत गति वाले अग्रणी रेलवे मंडलों में शामिल हैं.



माल ढुलाई में भी बढ़ोतरी
रेलवे के मुताबिक, कोरोना काल में माल ढुलाई में भी बढ़ोतरी है. 27 जुलाई, 2020 को, कुल माल लदान 3.13 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष इसी दिनांक की तुलना में ज्यादा है. 27 जुलाई 2020 को, भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से भरे हुए कुल 1039 रेकों में से, खाद्यान्न के 76 रेक, उर्वरक के 67 रेक, इस्पात के 49 रेक, सीमेंट के 113 रेक, लौह अयस्क के 113 रेक और कोयले के 363 रैक शामिल रहे.

रेलवे की माल ढुलाई को आकर्षक बनाने के लिए, भारतीय रेलवे द्वारा कई प्रकार की रियायतें/छूट भी प्रदान की जा रही है. रेलवे द्वारा कोविड-19 का उपयोग, अपनी सभी प्रकार की क्षमताओं और प्रदर्शनों में सुधार करने के लिए एक अवसर के रूप में किया गया है. (दीपाली नंदा- संवाददाता- CNBC-आवाज़)
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