जल्द रेल पटरियों पर चलती दिख सकती है आपको साइकिल, जानिए क्यों Track पर उतरेगी ये?

जल्द रेल पटरियों पर चलती दिख सकती है आपको साइकिल, जानिए क्यों Track पर उतरेगी ये?
जल्द रेल पटरियों पर चलती दिख सकती है आपको साइकिल, जानिए क्यों Track पर उतरेगी ये?

रेलवे में मारवाड़ के एक इंजीनियर ने पटरी पर चलने वाली एक साइकिल तैयार की है. इस साइकिल (Railway Track Cycle) का वज़न भी काफी कम है और इसके आसानी से पटरी पर रखकर चलाया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2020, 4:38 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. रेलवे में मारवाड़ के एक इंजीनियर ने पटरी पर चलने वाली एक साइकिल तैयार की है. इस साइकिल (Railway Track Cycle) का वज़न भी काफी कम है और इसके आसानी से पटरी पर रखकर चलाया जा सकता है. दरअसल रेलवे में हर रोज़ लाइन मैन को कई किलोमीर तक पैदल चलकर पटरी का निरीक्षण करना पड़ता है. इस तरह की साइकिल से लाइन मैन का काम काफी आसान हो सकता है. पटरी पर इसके इस्तेमाल की मंज़ूरी मिलने के बाद रेलवे में ट्रैक इंस्पैक्शन (Track Inspection) का काम आसान हो सकता है.

पटरी पर चलने वाली यह साइकिल रेलवे के अजमेर डिविशन के एक इंजीनियर ने तैयार की है. इससे रेल टैक की निगरानी करने वाले ट्रैकमैन को बहुत बड़ी मदद मिल सकती है. इसके लिए साइकिल के आगे और पीछे दो पहियों को इस तरह से लगय गया है कि वो परटियों पर फ़िट हो जाए और फिर इसे आराम से ट्रैक पर चलाया जा सके. इस साइकिल का वज़न क़रीब 20 किलो है यानी इसे ट्रैक पर ले जाना और ट्रेन के गुज़रने के समय वहां से हटाना भी मुश्किल नहीं है.





क़रीब 65 हज़ार रूट किलोमीटर लंबे भारतीय रेल में ट्रेन चलाना आसान नहीं है. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अलग अलग मौसम. कभी बारिश तो कभी धूप और कभी कंपकपाती ठंढ. लेकिन हर मौसम में हर रोज़ इन पटरियों की जांच होती है. ताकि रेलवे को ये इत्मिनान हो सके कि इसपर हज़ारों ज़िन्दगियों को लेकर गुज़रने वाली ट्रेन सुरक्षित रहेगी.


ट्रैकमैन के लिए डिज़ाइन की गई यह खास साइकिल 
लेकिन रेल ट्रैन का निरीक्षण इतना आसान भी नहीं होता है. इसके लिए हर ट्रैनमैन हर रोज़ औसतन 20 किलोमीटर पैदल चलता है और पटरी को बारिकी से देखता रहता है. कहीं किसी तरह का संदेह होने पर उसकी जांच की जाती है और ज़रूरत पड़ने पर उसकी मरम्मत की जाती है. यह काम बारिश के महीने में ज़्यादा मुश्किलों से भरा होता है क्योंकि ट्रैक पर पानी जमा होने से वहां ज़हरीले सांप- बच्छुओं का ख़तरा होता है. इसलिए ट्रैक मैन के लिए पटरियों पर पैदल चलना कई बार जानलेवा भी हो जाता है. ऐसे में ट्रैकमैन के लिए डिज़ाइन की गई यह साइकिल उनके लिए बड़ा वरदान साबित हो सकती है. लेकिन इसके इस्तेमाल से पहले रेलवे की तरफ से इसे आधिकारिक तौर पर मंज़ूरी मिलनी बाक़ी है. रेलवे में इस तरह के किसी भी प्रोयोग से पहले RDSO और कमीश्नर रेलवे सैफ्टी की मजूरी ज़रूरी होती है.

असल में साइकिल से पटरियों को बारिकी से देख पाना संभव है या नहीं. कोई ट्रेन ट्रैक पर पीछे की तरफ से आ रही हो तो समय पर साइकिल हटा पाना संभव है नहीं इस तरह की तमाम चीज़ों पर गौर करने बाद ही इस साइकिल को इस्तेमाल की मंज़ूरी दी जाएगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading