रेलवे ने बताया तेजस एक्सप्रेस से कमाई का फॉर्मूला, इतनी सीटें बुक होना जरूरी

भारतीय रेलवे (Indian Rail) ने दिल्ली-लखनऊ (Delhi-Lucknow) और मुंबई-अहमदाबाद (Mumbai-Ahmedabad) तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) ट्रेन को नई पॉलिसी के तहत IRCTC को देने का फैसला किया है.

Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: August 22, 2019, 4:18 PM IST
रेलवे ने बताया तेजस एक्सप्रेस से कमाई का फॉर्मूला, इतनी सीटें बुक होना जरूरी
फ़ायदे के लिए निजी तेजस एक्स्प्रेस की 70 फ़ीसदी से ज़्यादा सीटें बुक होना ज़रूरी
Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: August 22, 2019, 4:18 PM IST
भारतीय रेलवे (Indian Rail) ने दिल्ली-लखनऊ (Delhi-Lucknow) और मुंबई-अहमदाबाद (Mumbai-Ahmedabad) तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) ट्रेन को नई पॉलिसी के तहत IRCTC को देने का फैसला किया है. इस ट्रेन में हवाई सफर जैसी सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसका किराया क्या होगा, इस पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. सूत्रों के मुताबिक IRCTC की दोनों ही तेजस ट्रेनों का किराया शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express) के किराये से ज़्यादा रखा जाएगा. लेकिन यह उसी रूट पर हवाई किराए से कम होगा.

70 फ़ीसदी से ज़्यादा सीटें बुक होना ज़रूरी
सबसे ख़ास बात यह है कि ट्रेन के किराए को लेकर अब तक जो हिसाब लगाया गया है उसके मुताबिक़ इन ट्रेनों में 60 से 70 फ़ीसदी सीट बुक होने के बाद यह BREAK EVEN POINT पर पहुंचेगा. यानी क़रीब 70 फ़ीसदी सीट बुक होने के बाद ही ट्रेन ऑपरेटर नो प्रॉफ़िट, नो लॉस वाली स्थिति में पहुंचेगा. यानी रेलवे को चुकाने वाले हॉलेज चार्ज, स्टाफ़ की सैलरी, खान-पान पर होने वाले खर्च की वसूली करने के लिए ट्रेन की क़रीब 70 फ़ीसदी सीट बुक होनी ज़रूरी हैं. यह ट्रेन IRCTC ख़ुद चलाएगी या इसे किसी निजी पार्टी को सौंपेगी, इस पर अभी फैसला होना बाक़ी है. हालांकि रेलवे ने अपने 100 दिन के एजेंडे में ट्रेन चलाने के लिए निजी साझेदारों को प्रोत्साहित करने की बात कही है. इन ट्रेनों के किराए और संचालन को लेकर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही होगा.

ये भी पढ़ें: Vande Bharat Express: नई दिल्ली से कटरा के बीच हफ्ते में 5 दिन चलेगी, यहां जानें किराए से लेकर पूरा टाइम टेबल

ट्रेन में होगा डायनेमिक फेयर सिस्टम
IRCTC पहले से ही भारत दर्शन, बुद्धा सर्किट स्पेशल, श्री रामायण एक्सप्रेस जैसी कई टूरिस्ट और स्पेशल ट्रेनों का संचालन करती है लेकिन पहली बार उसे एक यात्री गाड़ी दी गई है. IRCTC और निजी साझेदारों को प्रोत्साहित करने के लिए तेजस एक्सप्रेस के मामले में रेलवे ने हॉलेज चार्ज में भी रियायत दी है. इस ट्रेन में डायनेमिक फेयर सिस्टम होगा यानी मांग के साथ ही इसके किराए में भी इज़ाफ़ा होगा. इसलिए माना जा रहा है कि निजी साझेदारी के सिद्धांत पर इस ट्रेन का संचालन आसान नहीं होगा. सबसे बड़ी बात यह भी है कि पीक सीज़न यानी त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भले ट्रेन को मुसाफ़िर मिल जाएं. क्योंकि ऐसे समय में आम ट्रेनों में भी टिकट मिलना आसान नहीं होता है साथ ही हवाई जहाज का किराया भी ज़्यादा होता है. लेकिन ऑफ़ सीज़न में महंगे किराए पर तेजस एक्सप्रेस के लिए मुसाफ़िर जुटा पाना आसान नहीं होगा.

फ़िलहाल मुंबई से गोवा के बीच तेजस एक्सप्रेस ट्रेन चलती है जो रेलवे खुद चलाती है. इस ट्रेन का किराया शताब्दी एक्सप्रेस के किराये से क़रीब 20 फ़ीसदी ज़्यादा है.
Loading...

ये भी पढ़ें: पानी की बोतल को लेकर रेलवे ने दिया ये आदेश!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 22, 2019, 3:28 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...