ये 16 कंपनियां कर रही हैं भारत में प्राइवेट ट्रेन चलाने की तैयारी, इन रूट्स पर चलेगी Train

ये 16 कंपनियां कर रही हैं भारत में प्राइवेट ट्रेन चलाने की तैयारी, इन रूट्स पर चलेगी Train
इन कंपनियों ने लिया हिस्सा

बुधवार को हुए प्री एप्लिकेशन कॉन्फ्रेंस के दौरान रेल मंत्रालय और नीति आयोग ने इन निजी कंपनियों के सवालों के जवाब दिए. निजी ट्रेन चलाने को लेकर कंपनियां 8 सितम्बर तक आवेदन कर सकती हैं. रेलवे की कोशिश है कि वो साल 2023 तक प्राइवेट ट्रेन को पटरी पर ले आये.

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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे (Indian Railway) में  151 प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर फिलहाल 16 प्राइवेट कंपनी आगे आई है. इन निजी कंपनियों ने 2 लाख रुपए का शुल्क देकर फॉर्म डाउनलोड कर ट्रेन ऑपरेट करने की इच्छा दिखाई है और बुधवार को हुए प्री एप्लिकेशन कॉन्फ्रेंस के दौरान रेल मंत्रालय और नीति आयोग ने इन निजी कंपनियों के सवालों के जवाब दिए. निजी ट्रेन चलाने को लेकर कंपनियां 8 सितम्बर तक आवेदन कर सकती हैं. रेलवे की कोशिश है कि वो साल 2023 तक प्राइवेट ट्रेन को पटरी पर ले आये.

इन कंपनियों ने लिया हिस्सा
मंगलवार को प्राइवेट ट्रेनों के लिए बोली लगाई जाने से पहले कंपनियों के साथ पहली बैठक में जिन 16 कंपनियों ने हिस्सा लिया. सूत्रों के मुताबिक उनमें बॉम्बार्डियर, कैप इंडिया, आई- स्क्वायर कैपिटल, IRCTC, BHEL, स्टर लाइट, मेधा, वेदांता, टेटला गर, BEMLऔर RK एसोसिएट्स शामिल है. रेलवे पहली ही बैठक में 16 कंपनियों के दिलचस्पी लेने से काफ़ी उत्साहित है. ऐसी दूसरी मीटिंग 12 अगस्त को होने वाली है.

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20% का फायदा होगा


सूत्रों के मुताबिक निजी कंपनियों के मन मे सबसे बड़ा सवाल फ्रोफिट को लेकर है. रेलवे के अनुमान के मुताबिक जिन 12 क्लस्टर के लिए निजी कंपनियों के साथ समझौता होना है उनपर ट्रेन चलाने से औसतन करीब 20% का फायदा होगा. इसमें किसी तरह की कमी निजी कंपनियों के लिए बिज़नेस रिस्क होगा. कुछ निजी कंपनियों ने रेलवे से अलग अलग क्लस्टर के वेटिंग लिस्ट की डिटेल भी मांगी है ताकि वो निजी ट्रेनों में मुसाफिरों की दिलचस्पी का आकलन कर सके. वहीं कुछ ने क्लस्टर मॉडिफिकेशन की मांग की है तो किसी ने रोलिंग स्टॉक को लेकर सवाल उठाए हैं.

रेलवे ने बेंगलुरु, चंडीगढ़, हावड़ा, जयपुर, पटना, प्रयागराज, सिकंदराबाद, चेन्नई के आलावा दिल्ली और मुम्बई को दो दो क्लस्टर में बांटा है. भारतीय रेलवे का अनुमान है कि निजी कॉम्पनियो के आने से रेलवे में 30 हज़ार करोड़ रु का निवेश होगा. रेलवे का मानना है कि इन 12 क्लस्टर में प्राइवेट ट्रेन चलने से रेलवे में नई तकनीक, यात्री सुविधा में इज़ाफ़ा, नए रोजगार वगैरह के लिए रास्ते खुलेंगे. हालांकि पहली प्री बिड मीटिंग में टाटा, अडानी ग्रुप और स्पेनिश टैल्गो जैसी कंपनियों ने हिस्सा नहीं लिया है. जबकि कयास ये लगाए जा रहे थे कि ये कंपनियां अपनी ट्रेन चलाने के लिए आगे आ सकती हैं.
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