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यात्रीगण ध्यान दें! ट्रेन में बदल चुका है सोने का समय, जान लें फायदे में रहेंगे आप

अगर आप ट्रेन (Train) से सफर करते हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि ट्रेनों (Trains) में सोने (Sleep) का समय बदल चुका है.
अगर आप ट्रेन (Train) से सफर करते हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि ट्रेनों (Trains) में सोने (Sleep) का समय बदल चुका है.

अगर आप ट्रेन (Train) से सफर करते हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि ट्रेनों (Trains) में सोने (Sleep) का समय बदल चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2019, 7:13 PM IST
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अगर आप ट्रेन (Train) से सफर करते हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि ट्रेनों (Trains) में सोने (Sleep) का समय बदल चुका है. पुराने नियम के मुताबिक यात्री रात 9 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ट्रेन में अपनी बर्थ पर सो सकते थे, लेकिन अब इस टाइम में 1 घंटे की कटौती हो चुकी है. नए नियम के मुताबिक अब यात्री रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ही सो सकते हैं. नया नियम उन सभी ट्रेनों में लागू होगा जिनमें सोने की सुविधा उपलब्ध है. यहां हम आपको रेलवे से जुड़े कुछ जरूरी नियमों की जानकारी दे रहे हैं.




भारतीय रेलवे में हर रोज करीब 2 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करते हैं लेकिन इनमें से अधिकतर यात्रियों को रेलवे सफर से जुड़े जरूरी नियम और कायदों की जानकारी नहीं होती है जिसके कारण कई बार इन्हे परेशानी का सामना भी करना पड़ता है. अगर आप ट्रेन सफर से जुड़े इन नियमों का जानकारी रखेंगे तो रास्ते में होने वाली कई परेशानियों से बच जाएंगे.



लोअर बर्थ वाले को 1 घंटा कम मिलेगा सोने को
रेलवे के नए नियमों के मुताबिक सभी रिजर्व कोच में लोअर बर्थ सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक बैठने के लिए तय की गई है और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सोने के लिए होगी. अगर लोअर बर्थ पर यात्री बैठे हैं तो आप सो नहीं सकते हैं और अब नए नियम के अनुसार आप 10 बजे से पहले सो नहीं सकेंगे. ये भी पढ़ें: सरकार की तैयारी! इन ट्रेनों में सफ़र करना होगा 25 फीसदी सस्ता

लोअर बर्थ वाले को 1 घंटा कम मिलेगा सोने को


मिडिल बर्थ पर सोने से जुड़ा नियम
रेलवे के नियमों के मुताबिक स्लिपिंग आवर्स रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक है. इसी समय के दौरान मिडिल बर्थ को ऊपर किया जा सकता है. अगर इस समय के अलावा कोई ऐसा करने की कोशिश करता है तो रेलवे के नियमों के मुताबिक यह अपराध है. स्लिपिंग आवर्स खत्म होने के बाद मिडिल बर्थ को नीचे करना जरूरी होता है. इसी तरह साइड की अपर बर्थ का व्यक्ति स्लिपिंग आवर्स में साइड की लोअर बर्थ पर हक नहीं जता सकता

वेटिंग-आरसी वाले को राहत
सोने का समय तय करने का सबसे ज्यादा वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को मिला है.आमतौर पर ऐसे यात्रियों को निचली सीट पर सफर कर रहे रिजर्व टिकट वाले यात्री अपनी सीट पर बैठने नहीं देते थे. ऐसे यात्री अब में दिन में आराम से उस सीट पर बैठ सकेंगे.

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