रेल मंत्रालय ने की घोषणा! भारतीय रेलवे जल्‍द शुरू करेगा अपने सभी कोविड अस्‍पतालों में ऑक्सीजन प्लांट

रेलवे के 2000 कर्मचारी अब तक कोविड के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं.

रेलवे के 2000 कर्मचारी अब तक कोविड के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं.

रेलवे के सभी जनरल मैनेजर्स को एमएंडपी के तहत ऑक्सीजन प्लांट्स को मंजूरी देने के लिए हर मामले में 2 करोड़ रुपये तक की मंजूरी देने का अधिकार दिया गया है. वहींं, कोविड ट्रीटमेंट के लिए बेड की संख्या बढ़ाकर 6972 की जा रही है.

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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे (Indian Railway) के सभी 86 कोविड हॉस्पिटल (COVID hospitals) में रेलवे अपने ऑक्सीजन प्लांट (oxygen plants) जल्द ही स्थापित कर देगा. रेलवे मंत्रालय (Railway Ministry) की ओर से जारी बयान में यह कहा गया कि वह पूरे भारत में 86 रेलवे अस्पतालों (railway hospitals) में बड़े पैमाने पर क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिनकी पहचान कोविड अस्तपालों (COVID hospitals)के रूप में की गई है. वर्तमान में चार ऑक्सीजन प्लांट पहले से ही शुरू हो चुके है, वहीं 52 के लिए मंजूरी दे गई है जबकि शेष 30 विभिन्न प्रोसस में है. 


रेलवे के सभी जनरल मैनेजर्स को एमएंडपी के तहत ऑक्सीजन प्लांट्स को मंजूरी देने के लिए हर मामले में 2 करोड़ तक का सेग्शन पावर दी गई है. वही कोविड ट्रीटमेंट के लिए बेड की संख्या जो वर्तमान में 2539 है से बढ़ाकर 6972 की जा रही है. आईसीयू बेड (ICU Bed) की संख्या भी कोविड हॉस्पिटल्स में जो अब तक 273 थी उसे 573 की जाने वाली है. वेटिंलेटर्स (ventilators) भी 62 से बढ़ाकर 296 किए जाने वाले है. रेलवे अस्पतालों में महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण जैसे बीआईपीएपी मशीन, ऑक्सीजन कंसंटेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि जोड़ने के लिए भी लगातार कदम उठाए जा रहे है. 


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हर दिन एक हजार कर्मचारी आ रहे संक्रमण के चपेट में
रेलवे ने यह भी निर्देश जारी किया है जिसमें कोविड प्रभावित कर्मचारियों को जरूरत के अनुसार पैनल शामिल अस्पतालों में रेफरल आधार पर भर्ती किया जा सका है. रेलवे अस्पतालों में यह विशाल वृद्धि चिकित्सा आपात स्थितियों के निपटने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की शुरूआत करेगी.  रेलवे के आधिकारिक आकड़ों के अनुसार लगभग 2000 कर्मचारी अब तक कोविड के चलते अपनी जान गंवा चुके है. वहीं प्रतिदिन करीब एक हजार इस वायरस से संक्रमित हो रहे है. अब तक करीब 4.32 लाख रेल कर्मचारियों का टीककरण किया जा चुका है. 


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फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की मांग



ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन नाम के एक रेलकर्मियों के फेडरेशन ने कुछ दिनों पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर मांग की थी कि कोरोना वायरस संकट के दौरान काम करते हुए जान गंवाने वाले रेलकर्मियों के परिजनों को फ्रंटलाइन वर्कर्स (frontline workers) की तरह ही मुआवजा दिया जाए। उन्होंने पत्र में कहा कि जैसा कि फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए घोषणा की गई है, ये कर्मी भी 50 लाख रुपये के मुआवजे के हकदार हैं, कि 25 लाख रुपये के जो उन्हें अभी दिया जा रहा है।

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