कोरोना काल में रेलवे ने एक और रिकॉर्ड बनाया, जुलाई में बना डाले इतने इलेक्ट्रिक रेल इंजन

कोरोना काल में रेलवे ने एक और रिकॉर्ड बनाया, जुलाई में बना डाले इतने इलेक्ट्रिक रेल इंजन
जुलाई में बना डाले 31 इलेक्ट्रिक रेल इंजन

भारतीय रेलवे की प्रोडक्शन यूनिट चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) ने जुलाई महीने में रिकॉर्ड 31 इलेक्ट्रिक रेल इंजन का बनाए हैं. कोरोना महामारी की परिस्थितियों में इंजनों का रिकॉर्ड उत्पादन भारतीय रेल के लिए एक मील का पत्‍थर है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 1:48 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायारस महामारी (Coronavirus Pandemic) के दौरान भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने इलेक्ट्रिक रेल इंजन बनाने का नया रिकॉर्ड बना डाला है. भारतीय रेलवे की प्रोडक्शन यूनिट चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) ने जुलाई महीने में रिकॉर्ड 31 इलेक्ट्रिक रेल इंजन का बनाए हैं. कोरोना महामारी की परिस्थितियों में इंजनों का रिकॉर्ड उत्पादन भारतीय रेल के लिए एक मील का पत्‍थर है. रेलवे मंत्रालय ने ट्विटर पर ट्वीट कर इस उपलब्धि के बारे में बताया है. कोरोना संबंधित में प्रतिबंधों के बावजूद रेलवे ने इस वित्त वर्ष में कुल 62 इलेक्ट्रिक इंजन बनाए हैं.

रेलवे मंत्रालय ने ट्वीट में कहा, चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स द्वारा जुलाई माह में कुल 31 विद्युत रेल इंजन का रिकॉर्ड उत्‍पादन किया गया है. कोरोना महामारी की परिस्थितियों में इंजनों का रिकॉर्ड उत्पादन भारतीय रेल के लिए एक मील का पत्‍थर है.


पहली बार एक महीने में बना डाले इतने LHB कोच
इससे पहले, रेलवे की कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF Kapurthala) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. RCF Kapurthala ने जुलाई 2020 में 151 एलएचबी कोच (LHB Coach) बनाए हैं. ये पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग तीन गुना है. इस कोच फैक्ट्री का ये अब का सबसे अधिक उत्पादन है. 2002 में एलएचबी कोच का प्रोडक्शन शुरू होने से अब तक एक महीने में हुआ ये अब तक का सबसे बड़ा प्रोडक्शन है.



एलएचबी कोच पारंपरिक कोच की तुलना में 1.5 मीटर लंबे होते हैं. इसके कारण यात्री वहन क्षमता में वृद्धि हो जाती है. दुर्घटना की स्थिति में एलएचबी कोच पारंपरिक कोच के मुकाबले कम क्षतिग्रस्त होते हैं. इनकी सेल्फ लाइफ भी पारंपरिक कोच के मुकाबले ज्यादा होती है.
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