166 साल के इतिहास में रेलवे ने किया सबसे बड़ा कारनामा! सरकार ने दी इसकी जानकारी

166 साल के इतिहास में रेलवे ने किया सबसे बड़ा कारनामा! सरकार ने दी इसकी जानकारी
गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद रेलवे ने यह फैसला लिया है.

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए देशभर में गार्ड वाली रेलवे क्रॉसिंग (Railway crossing) को बड़े पैमाने पर हटाकर रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) बनाए गए. इसके अलावा कई तरह के दूसरे सुरक्षा मानक (Safety Measures) भी अपनाए गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 10, 2020, 10:44 AM IST
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नई दिल्‍ली. भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने सुरक्षित परिवहन माध्‍यम के मामले में इतिहास रच डाला है. इंडियन रेलवे के मुताबिक, अप्रैल 2019 से लेकर अब तक किसी रेल दुर्घटना (Rail Accident) एक भी यात्री की मौत नहीं हुई है. ये रेलवे के 166 साल के इतिहास में नया कीर्तिमान (Record) है. रेलवे ने अप्रैल 2019 से मार्च 2020 के दौरान और इसके बाद 8 जून 2020 तक का सबसे बेहतर सुरक्षा रिकॉर्ड (safety record) दर्ज किया है. बता दें कि देश में रेलवे का परिचालन 1853 में शुरू किया गया था. इसके बाद हर साल अलग-अलग रेल दुर्घटनाओं में यात्रियों की मौत होती रही है.

सुरक्षित यात्रा के लिए बड़े पैमाने पर बदलीं पटरियां
रेलवे के 166 साल के इतिहास में ये पहले ऐसे 15 महीने हैं, जब किसी दुर्घटना में एक भी रेल यात्री की मौत नहीं हुई है. रेलवे के मुताबिक, इसके लिए हर पहलू पर काम किया गया. रेल यात्रा को ज्‍यादा से ज्‍यादा सुरक्षित बनाने के लिए देशभर में गार्ड वाली रेलवे क्रॉसिंग (Railway crossing) को बड़े पैमाने पर हटाकर रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज बनाए गए. इसके अलावा पुलों को पहले से बेहतर बनाया गया. सुरक्षित यात्रा के लिए पटरियों को बड़े पैमाने पर बदला गया. इसके लिए सेल ने रेलवे को नई पटरियां उपलब्ध कराईं.

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सिग्‍नल प्रधाली में किया सुधार, बोगियां भी बदलीं


सुरक्षित यात्रा के लिहाजा से पटरियों के बेहतर रखरखाव पर जोर दिया गया. रेलवे कर्मचारियों के बेहतर प्रशिक्षण के साथ ही सिग्नल प्रणाली में सुधार और सुरक्षा कार्यों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया. साथ ही ट्रेनों में पुरानी बोगियों की जगह बड़े पैमाने पर आधुनिक व सुरक्षित एलएचबी कोच जोड़े गए. रेलवे ने 2018-19 में 631 गार्ड वाली रेलवे क्रॉसिंग हटाईं. वहीं, 2019-20 में 1,274 ऐसी रेलवे क्रॉसिंग खत्‍म की गईं. साथ ही सुरक्षा बढ़ाने के लिए 2019-20 में कुल 1309 रोड ओवरब्रिज और रोड अंडरब्रिज बनाए गए.

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राष्‍ट्रीय रेल संरक्षा कोष से रेलवे को मिला फंड
रेलवे ने 2019-20 के दौरान अपने नेटवर्क पर मौजूद 1,367 पुलों की मरम्मत कराई. साथ ही 5,181 किमी ट्रैक पर नई पटरियां बिछाई गईं. ये एक साल में अब तक रिकॉर्ड है. इस साल लेवल क्रॉसिंग (LC) को सिग्‍नलों के जरिये इंटरलॉक किया गया. वहीं, इस दौरान 84 स्टेशनों की सुरक्षा में सुधार के लिए उनमें मैकेनिकल सिग्नल बजाय इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल लगाए गए. सुरक्षित रेल यात्रा के लिए ये सभी काम रेलवे की ओर से 2017-18 में 1 लाख करोड़ रुपये से शुरू किए गए राष्‍ट्रीय रेल संरक्षा कोष (RRSk) के जरिये किए गए. इसके तहत अगले 5 साल तक हर साल 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस फंड का इस्‍तेमाल सुरक्षा के लिए तत्‍काल किए जाने वाले जरूरी कामों में किया जाना है.

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