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इंडियन रेलवे ने बनाया नया रिकॉर्ड! इस फैक्ट्री में हर दिन बनाए जा रहे हैं 6 कोच

रेलवे कोच फैक्‍ट्री कपूरथला ने हर दिन औसतन कोच मैन्‍युफैक्‍चरिंग के मामले में रिकॉर्ड बना डाला है.
रेलवे कोच फैक्‍ट्री कपूरथला ने हर दिन औसतन कोच मैन्‍युफैक्‍चरिंग के मामले में रिकॉर्ड बना डाला है.

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) का असर रेलवे कोच फैक्‍ट्री (Railway Coach Factory) पर भी पड़ा. अब कोच फैक्‍ट्री अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है. अक्‍टूबर 2020 में रेलवे कोच फैक्‍ट्री कपूरथला ने हर दिन औसतन कोच निर्माण का नया कीर्तिमान (New Record) बना दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 2, 2020, 6:01 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच अब आर्थिक गतिविधियां (Economic Activities) तेज होने लगी हैं. फैक्ट्रियां फिर से अपनी पूरी क्षमता से काम करने लगी हैं. इस बीच रेलवे कोच फैक्ट्री (Railway Coach Factory) कपूरथला ने नया रिकॉर्ड बना डाला है. पिछले साल के मुकाबले इस कोच फैक्ट्री ने प्रतिदिन औसतन 2.80 कोच ज्‍यादा बनाने में सफलता हासिल कर ली है. इस कोच फैक्ट्री में अक्टूबर 2020 के दौरान हर दिन 5.88 कोच का निर्माण किया गया. वहीं, अक्टूबर 2019 में औसतन 3.08 एलएचबी कोच (LHB Coach) प्रतिदिन बनाए गए थे.

कोरोना काल के शुरुआती महीनों में निर्माण कार्य हुआ था प्रभावित
कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 25 मार्च से देशभर में सख्‍त लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा कर दी थी. इसके बाद सभी आर्थिक गतिविधियां और यातायात ठप्प पड़ गए थे. इसका असर रेलवे कोच के निर्माण पर भी पड़ा था. अप्रैल में 0.4 कोच और मई में 2 कोच प्रतिदिन ही बनाए जा सके. वहीं, अप्रैल 2019 में हर दिन औसतन 1.30 कोच और मई 2019 में 2.33 कोच बनाए गए थे. लॉकडाउन में ढील के बाद जैसे-जैसे आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई उत्पादन पर भी इसका असर दिखने लगा.

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लॉकडाउन में छूट के साथ बढ़ता गया हर दिन कोच निर्माण


अनलॉक के दौरान जून 2020 में हर दिन औसतन 4.3 कोच, जुलाई में 5.59, अगस्त में 5.87 कोच, सितंबर में 5.84 कोच और अक्टूबर में 5.88 कोच बनाए जाने लगे. वहीं, जून 2019 में हर दिन औसतन 2.54 कोच, जुलाई में 2.50 कोच, अगस्त में 2.96 कोच, सितंबर में 2.76 कोच और अक्टूबर 2019 में 3.08 कोच बनाए गए थे. इसके साथ ही भारतीय रेलवे लगातार यात्री मांग को देखते हुए फेस्टिवल स्‍पेशल, स्‍पेशल और क्‍लोन ट्रेनें चला रहा है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ वीके यादव ने हाल में स्वीकार किया था कि ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट को कम करने की काफी जरूरत है.

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'प्राइवेट ट्रेनों के आने से वेटिंग लिस्‍ट की समस्‍या होगी कम'
यादव ने कहा था कि प्राइवेट ट्रेनों के आने से लंबी वेटिंग लिस्‍ट की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019-20 में औसत वेटिंग लिस्ट में 8.9 फीसदी की कमी आई है. व्यस्त समय के दौरान करीब 13.3 फीसदी यात्रियों की टिकट कंफर्म नहीं हो पाई है. एक आरटीआई के मुताबिक 2019-20 में कुल 84,61,204 पीएनआर नंबर से जुड़े करीब सवा करोड़ यात्रियों की वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं हो पाई. रेल मंत्रालय ने वेटिंग लिस्ट की समस्या के समाधान के लिए निजी ट्रेन शुरू करने का फैसला भी किया है. इसके अलावा व्यस्त रूटों पर 'क्लोन ट्रेन' शुरू की गई हैं. ये ट्रेन सीमित स्टेशनों पर ही रुकती हैं.
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