रेलवे मंत्रालय ने खरीदारी नियमों को आसान बनाने और वेंडर्स की सुविधा के लिए लिया ये फैसला

रेलवे मंत्रालय ने खरीदारी नियमों को आसान बनाने और वेंडर्स की सुविधा के लिए लिया ये फैसला
इंडियन रेलवे ने वेंडर्स की सुविधा के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है.

रेलवे मंत्रालय (Ministry of Railways) के नए नियमों के मुताबिक, अगर एक वेंडर (Vendor) को किसी आइटम के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railways) की किसी भी एजेंसी से अनुमति मिल जाती है तो उसके लिए रेलवे की सभी यूनिट में अप्रूव्‍ड माना जाएगा. इससे वेंडर्स को एक ही आइटम की मंजूरी के लिए अलग-अलग एजेंसियों के चक्‍कर नहीं लगाने होंगे.

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नई दिल्‍ली. भारतीय रेलवे पारदर्शिता, दक्षता (Efficiency) और कारोबारी सुगमता (Ease of doing Business) को बढ़ावा देने की लगातार कोशिश कर रही है. इसके लिए उसने कई कदम उठाए हैं. रेलवे ने इसी दिशा में एक और फैसला लिया है. भारतीय रेलवे (Indian Railways) के इस फैसले से उसके पूरे नेटवर्क में खरीद प्रणाली (Procurement System) अब पहले से काफी आसान व सुगम हो जाएगी.

अनुमोदित वेंडर्स से ही खरीदा जाती थीं वस्‍तुएं
भारतीय रेलवे के प्रचलित खरीद मानकों के मुताबिक, गुणवत्‍ता के मामले सबसे ज्‍यादा अहमियत रखने वाली सुरक्षा और अन्‍य अहम वस्तुओं की खरीदारी के लिए अनुमोदन एजेंसियों की ओर से अनुमोदित वेंडर्स (Vendor) से ही खरीदी जाती हैं. हाल में फैसला लिया गया कि अगर किसी वेंडर को किसी आइटम के लिए भारतीय रेलवे की किसी भी एजेंसी से अनुमति मिल जाती है तो उसे देशभर में उस आइटम के लिए रेलवे की सभी यूनिट में अनुमोदित माना जाएगा.

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सार्वजनिक खरीद प्रणाली में बढ़ेगी प्रतिस्‍पर्धा


सरकार के इस फैसले से वेंडर्स को एक ही आइटम के लिए अलग-अलग एजेंसियों के चक्‍कर नहीं लगाने होंगे. इससे उनके समय और मेहनत की बचत होगी. साथ ही इससे सार्वजनिक खरीद प्रणाली में प्रतिस्‍पर्धा (Competition) भी बढ़ेगी. इससे खरीद प्रक्रिया ज्‍यादा प्रभावी और किफायती हो जाएगी. साथ ही इससे भारतीय उद्योग (Indian Industries) की निर्माण क्षमता के बेहतर इस्‍तेमाल को भी प्रोत्‍साहन मिलेगा.

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मेक इन इंडिया अभियान को मिलेगी मजबूती
रेलवे के इस फैसले से घरेलू कंपनियों को बेहतर प्रदर्शन का मौका मिलेगा तो सरकार के महात्‍वाकांक्षी अभियान 'मेक इन इंडिया' (Make in India) को भी मजबूती मिलेगी. बता दें कि इस फैसले से पहले कोई वेंडर किसी एक प्रतिष्‍ठान के लिए अनुमोदित (Approved) होता था तो उसे स्‍वत: दूसरी जगह के लिए अप्रूव्‍ड नहीं मान लिया जाता था. ऐसे में उन्‍हें अलग-अलग जगहों से अप्रूवल लेना पड़ता था.
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