रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर: अगले साल ट्रेन में लगेगा नया कोच, जानिए कितना होगा किराया

भारतीय रेलवे अलगे साल से ट्रेन में नए कोच लगाने की तैयारी में है. इसकी जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वीके यादव (Vinod Kumar Yadav)  ने दी है.
भारतीय रेलवे अलगे साल से ट्रेन में नए कोच लगाने की तैयारी में है. इसकी जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वीके यादव (Vinod Kumar Yadav) ने दी है.

भारतीय रेलवे अलगे साल से ट्रेन में नए कोच लगाने की तैयारी में है. इसकी जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वीके यादव (Vinod Kumar Yadav) ने दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 1:31 PM IST
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नई दिल्ली. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वीके यादव (Railway Board CEO Vinod Kumar Yadav) ने गुरुवार को बताया कि एसी थ्री टियर  का नया कोच डिजाइन किया गया है. अगले साल से इस नए एसी थ्री टियर कोच की शुरुआत की जाएगी. इनमें स्लीपर और  एसी थ्री के बीच का किराया तय किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके पीछे मुख्य मकसद ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को AC की सुविधा देना है. आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि AC 3-टियर में 72 बर्थों की जगह 83 बर्थ होंगी. शुरुआत में इन कोच को एसी-3 टियर टूरिस्ट क्लास भी कहा जाएगा. बताया जा रहा है कि इन ट्रेनों का किराया भी सस्ता होगा ताकि यात्री इसमें सफ़र कर सके. पहले फेज में इस तरह के 230 डिब्बों का उत्पादन किया जाएगा.

नहीं हटेगा स्लीपर क्लास कोच-  वीके यादव ने बताया कि ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जा रही है. अभी तक 110 किमी प्रति घंटा पर चल रही है. वहीं, नई दिल्ली से मुंबई और नई दिल्ली से कोलकत्ता पर जून 2021 तक 130 किमी प्रति घंटा पर ट्रेनें चलेंगी. उन्होंने बताया कि स्लीपर क्लास कोच हटाने की कोई योजना नहीं है.

पहले भी तैयार की जा चुकी है ऐसी योजना-2004-09 के बीच UPA-I सरकार के दौरान ने इकोनॉमिकल एसी 3-टियर क्लास डिब्बों को तैयार करने के बारे में योजना तैयार की थी. उसी समय गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेनें लॉन्च हुई थीं, जिन्हें एसी इकोनॉमी क्लास कहा गया. हालांकि, यात्रियों ने इसमें सफर के दौरान परेशानी की बात कही. साथ ही ट्रेन में भीड़भाड़ की स्थिति भी पैदा होने लगी. बाद में इस तरह के कोच का उत्पादन बंद कर दिया गया.



अभी पंजाब में नहीं चलेंगी ट्रेन-वीके यादव ने बताया कि पंजाब में विरोध प्रदर्शन की वजह से ट्रेनें नही चला पा रहे है. लॉ आर्डर की स्थिति ठीक होने पर ही ट्रेनें चलाई जाएगी. लोग ट्रैक्स पर है, हम कोई खतरा नहीं लेना चाहते है. किसानों का कहना है कि केन्द्र सरकार इन "काले कानूनों'' के जरिए कुछ कॉरपोरेट हाउसों को लाभ पहुंचाना चाहती है. ये किसान एक अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए रेल रोको आंदोलन चला रहे हैं.
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