कोरोना वायरस लॉकडाउन से रेलवे की आमदनी में आई गिरावट, अब खर्चों में कटौती के लिए बनाया नया प्लान

कोरोना वायरस लॉकडाउन से रेलवे की आमदनी में आई गिरावट, अब खर्चों में कटौती के लिए बनाया नया प्लान
रेलवे की आमदनी में आई गिरावट

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) में पैसेंजर ट्रेनों की आवजाही कुछ समय के लिए पूूरी तरह से रोक दी गई थी. साथ ही, अन्य सर्विस भी बंद रही. इससे रेलवे की आमदनी में भारी गिरावट आई है. लिहाजा रेलवे अब अपने खर्चों में कटौती की योजना बना रही है.

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  • Last Updated: June 23, 2020, 10:38 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) की वजह से भारतीय रेलवे (India Railway) की आमदनी में बड़ी गिरावट आई है. पिछले साल के अप्रैल-मई महीनों के मुकाबले रेलवे की कमाई (Indian Railway Earning) इस साल अप्रैल-मई में 58 फीसदी की गिरावट आई है. ऐसे में रेलवे के फाइनेंशियल कमिश्नर ने खर्चों को कम करने के सुझाव सभी ज़ोन के GM जारी किए हैं. इसमें डीज़ल इंजन को बेचने और फ्यूल बचाने जैसे अहम सुुझाव दिए गए है.

रेलवे ऐसे करेगा खर्चों में कटौती-

रेलवे के फाइनेंशियल कमिश्नर ने कहा है कि फ्यूल बचाने पर सभी जोन को ध्यान देना होगा. नॉन ट्रैक्शन एनर्जी की खपत 25% तक कम करें. आपको बता दें कि Traction energy से ट्रेन चलती है.



सालाना जीएम इंस्पेक्शन में सुनिश्चित करें कि कम से कम स्टाफ हो ताकि खर्चा ज़्यादा न हो.
कोई फाइल भेजने के लिए स्टाफ को भेजना बंद करें. E office, E daak, का प्रयोग करें. इससे स्टेशनरी, कार्ट्रेज का इस्तेमाल 50% कम होगा. उपयोग में लाई जाने वाली गाड़ियों के खर्चे कम किए जाएं.

फर्नीचर, अतिरिक्त व्हीकल, कंप्यूटर, प्रिंटर का procurement न करें. उद्घाटन और सेरीमोनियल कार्यक्रम जहां तक मुमकिन हो ऑनलाइन पर ज़ोर दें.  इसके अलावा कैश अवार्ड सीमित करें. एंटरटेनमेंट, पब्लिसिटी, ट्रेवल और मीटिंग्स को कम किया जाए.

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स्टाफ को रिव्यू करें और उनको कम करने की संभावना तलाशें- सेफ्टी से जुड़े नए पदों को छोड़कर कोई भी दूसरे पद न बनाए जाएं. पिछले 2 साल में बनाए गए नए पदों (posts) को रिव्यू करें और अगर उन नए पदों पर भर्तियां अगर न की गई हों तो उस पर रोक लगाई जाए.

OT और TA (Travelling Allowance) को 50% और दूसरे Allowances को 33-50% तक कम करें. कोई नया procurement को लेकर भी खासा ध्यान देना जरूरी. 31 साल से पुराने डीजल locos को बेचें.

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वित्त वर्ष 2018-19 के फाइनेंशियल ईयर से पहले के सभी कॉन्ट्रैक्ट्स इनको 2 साल से कम अवधि में काम पूरा करना था उसको खत्म करें. जब तक फंड न हो तब तक कोई प्रपोजल या टेंडर को अनुमति न दें. ज़ोन में होने वाले काम में कटौती करें. सिर्फ ज़रूरी आइटम को ही तरजीह दें न की Fancy items को.
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