Railway की नई कोशिश! अब लेट नहीं होगी आपकी ट्रेन, यात्रियों को समय पर पहुंचाने के लिए रेलवे ने उठाया ये बड़ा कदम

इंडियन रेलवे के खास ऐप की मदद से ट्रेनों के लेट होने की समस्‍या से मिलेगा छुटकारा.

भारतीय रेलवे (Indian railways) ओवरहेड इक्‍यूपमेंट इंस्‍पेक्‍शन ऐप (OHE Inspection App) के जरिये ट्रेन की लाइव मॉनिटरिंग करेगा. सफर के दौरान ओवर हेड वायर टूटने या किसी तकनीकी खराबी होने पर ऐप की मदद से समस्या का पता तुरंत लग जाएगा और उसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा.

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    नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच दूसरे राज्‍यों में बसे लोगों को अपने-अपने शहरों तक पहुंचाने में भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है. इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बनाए रखने के लिए भारतीय रेलवे ने काफी योगदान दिया. इस बीच भारतीय रेलवे ने एक ऐसा ऐप बनाया है, जिसकी मदद से ट्रेनों का लेट होना पुरानी बात हो जाएगी. सीधे शब्‍दों में कहें तो इस खास ऐप की मदद से ट्रेनें तय समय पर अपने गंतव्‍य तक पहुंचेंगी. अब सवाल ये उठता है, ये ऐप ऐसा क्‍या करेगा कि ट्रेनें लेट नहीं होंगी. आइए जानते हैं कि इंडियन रेलवे का ओवरहेड इक्‍यूपमेंट इंस्‍पेक्‍शन ऐप (OHE Inspection App) कैसे काम करेगा.

    रेलवे खास ऐप के जरिये ट्रेन की कर सकेगा लाइव मॉनिटरिंग
    भारतीय रेलवे इस खास ऐप के जरिये ट्रेन की लाइव मॉनिटरिंग करेगा. अब सफर के दौरान ओवर हेड वायर टूटने या किसी तकनीकी खराबी के कारण घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. दरअसल, ओएचई ऐप की मदद से समस्या का पता तुरंत लग जाएगा. इसके बाद उसे जल्द से जल्द ठीक कर लिया जाएगा. भारतीय रेलवे का बनाया ये ऐप जीपीएस के जरिये ट्रेनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग करता है. ये ऐप किसी जगह पर ओएचई में दिक्कत होने पर उसकी फोटो खींचेगा और नजदीकी संबंधित विभाग को भेज देगा. इसके बाद उस समस्या का जल्‍द समाधान कर दिया जाएगा और ट्रेन आगे बढ़ जाएगी.

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    ओएचई ऐप से पूरे देश की ट्रेनों की निगरानी होगी आसान
    इंडियन रेलवे के मुताबिक, ओएचई ऐप की मदद से पूरे देश की ट्रेनों की निगरानी करना आसान हो जाएगा. अगर देश के किसी भी हिस्से में वायर टूटने से ब्रेकडाउन हुआ तो उसके नजदीकी रेलवे स्टेशन प्रशासन को तुरंत इसकी सूचना मिल जाएगी. इसके बाद संबंधित विभाग समस्‍या को तुरंत ठीक कर सकेगा. इससे यात्रियों को तकनीकी खराबी आने पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बता दें कि भारतीय रेलवे ने साल 2030 तक ग्रीन रेल में तब्‍दील करने का लक्ष्‍य रखा है. रेलवे ने 40,000 किमी से अधिक रूट का इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा कर लिया है.

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    बिजली बचाने के लिए इंडियन रेलवे की है शानदार पहल
    इंडियन रेलवे ने अगले साल तक 7,000 रूट किमी के इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य तय किया है. दिसंबर 2023 तक व्यस्त नेटवर्क पर सभी रूट्स के इलेक्ट्रिफिकेशन की योजना बनाई गई है. वहीं, बिजली बचाने की दिशा में भी इंडियन रेलवे ने शानदार पहल की है. इसके तहत जैसे ही कोई ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आएगी, स्टेशन की सभी लाइट ऑन हो जाएंगी. वहीं, ट्रेन जाने के बाद 50 फीसदी लाइट खुद बंद हो जाएंगी. पश्चिम रेलवे के जबलपुर, भोपाल और नरसिंहपुर स्टेशन पर यह सिस्टम शुरू किया जा चुका है.

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