किसानों को होगा बड़ा फायदा! अब इन देशों में भी पहुंचेगा भारत का चावल, रेलवे ने चलाई स्‍पेशल मालगाड़ी

भारतीय रेलवे ने कुछ देशों को चावल का निर्यात करने के लिए स्‍पेशल मालगाड़ी शुरू कर दी है.
भारतीय रेलवे ने कुछ देशों को चावल का निर्यात करने के लिए स्‍पेशल मालगाड़ी शुरू कर दी है.

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से हल्दिया बंदगाह (Haldia Port) तक चावल निर्यात (Rice Export) के लिए स्‍पेशल ट्रेन चलाई है. पोर्ट से ये चावल पश्चिम अफ्रीकी (Western Africa) देश बेनिन और टोगो को निर्यात किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 6:22 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच भारतीय रेलवे (Indian Railways) एक के बाद एक मालगाड़ी (Goods Trains) और यात्री ट्रेनें (Passenger Trains) शुरू कर रहा है. इसी कड़ी में रेलवे ने पश्चिम अफ्रीकी देशों (Western African Countries) को चावल निर्यात करने के लिए स्‍पेशल मालगाड़ी चलाई है. रेलवे के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से हल्दिया बंदरगाह (Haldia Port) तक चावल निर्यात (Rice Export) के लिए एक स्‍पेशल ट्रेन चलाई गई है. स्‍पेशल ट्रेन के जरिये हल्दिया पोर्ट पहुंचने वाला चावल पश्चिम अफ्रीकी देश बेनिन और टोगो को निर्यात किया जाएगा.

किसानों की अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में पहुंच और आमदनी में होगा इजाफा
रेल मंत्रालय का कहना है कि चावल के पश्चिम अफ्रीकी देशों को निर्यात से किसानों की अंतरराष्‍ट्रीय बाजार (International Market) में पहुंच बनेगी. साथ ही उनकी आय (Income) में वृद्धि भी होगी. बता दें कि वैश्विक महामारी (Pandemic) के बीच रेलवे ने सितंबर 2020 में बंपर कमाई है, जिसमें बड़ा हिस्‍सा माल भाड़े से ही आया है. इस दौरान रेलवे को पिछले साल के मुकाबले मालढुलाई से 1180.57 करोड़ रुपये ज्‍यादा कमाई (Freight Income) हुई है. बता दें कि यात्री ट्रेनें (Passenger Trains) कम चलने और ट्रेक खाली रहने से मालवाहक ट्रेनों की स्पीड व आवाजाही बढ़ गई है.


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सितंबर 2019 के मुकाबले इस साल 15.35% ज्‍यादा मालढुलाई की
रेलवे के मुताबिक, सितंबर 2020 में 9896.86 करोड़ रुपये की मालढुलाई की गई है. वहीं, पिछले साल सितंबर में माल भाड़े से 8716.29 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी यानी इस साल पिछले साल के मुकाबले 13.54 फीसदी अधिक कमाई हुई है. सितंबर 2020 में रेलवे ने 10.21 करोड़ टन सामान की ढुलाई की, जबकि पिछले साल के सितंबर में 8.85 करोड़ टन सामान का ट्रांसपोर्टेशन किया गया था. दूसरे शब्‍दों में कहें तो सितंबर 2019 के मुकाबले सितंबर 2020 में 15.35 फीसदी ज्‍यादा मालढुलाई की गई.

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रेलवे चला रही है तीन किसान ट्रेन, माल भाड़े में छूट का किया है ऐलान
इंडियन रेलवे ने इस साल सितंबर में कुल 10.21 करोड़ टन सामान ट्रांसपोर्ट किया, जिसमें सबसे अधिक 4.28 करोड़ टन कोयला, 1.35 करोड़ टन लौह अयस्क, 63 लाख टन खाद्यान्‍न, 53.4 लाख टन उवर्रक, 60 लाख टन सीमेंट, 38.5 लाख टन क्लींकर और 35.2 लाख टन खनिज तेल शामिल है. ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारतीय रेलवे ने मालढुलाई में आकर्षक छूट का ऐलान भी किया है. यहीं नहीं रेलवे पार्सल ट्रेन, समयबद्ध पार्सल ट्रेन और किसान ट्रेन भी चला रही है.

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यूपी सरकार ने भी भारतीय रेलवे से की है किसान ट्रेन की अपील
रेलबे बोर्ड (Railway Board) के चेयरमैन और सीईओ विनोद कुमार यादव (CEO VK Yadav) ने हाल में बताया था कि भारतीय रेलवे एक नेशनल रेलवे प्लान-2030 भी तैयार कर रहा है. इसके तहत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजना मार्च 2022 तक पूरी होनी है. परियोजना के पूरा होने और जीरो बेस्ड टाइम टेबल तैयार किए जाने से माल ट्रेनों की स्पीड व रेलवे की कमाई में इजाफा होगा. रेलवे ने चौथी किसान विशेष ट्रेन नागपुर से दिल्ली के बीच चलाने का फैसला भी किया है. यहीं नहीं, किसान ट्रेन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी भारतीय रेलवे से अपील की है.
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