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ट्रेन टिकट बेचकर रेलवे कमाता है इतने हजार करोड़ रुपये, जानिए किराया बढ़ाने से कितनी बढ़ेगी आमदनी

News18Hindi
Updated: February 6, 2020, 11:31 AM IST
ट्रेन टिकट बेचकर रेलवे कमाता है इतने हजार करोड़ रुपये, जानिए किराया बढ़ाने से कितनी बढ़ेगी आमदनी
पिंक बुक में रेलवे की आमदनी और खर्च का पूरा ब्यौरा होता हैं.

अगले वित्त वर्ष के लिए टिकट के जरिए आमदनी को 5000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 61,000 करोड़ रुपये कर दिया है. वहीं, मालभाड़े से होने वाली आय का लक्ष्य भी 4000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 1.47 लाख करोड़ रुपये किया है. ये सभी जानकारी रेल मंत्रालय की ओर से संसद में जारी की गई पिंक बुक से मिली हैं.

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  • Last Updated: February 6, 2020, 11:31 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ट्रेन टिकट बेचकर होने वाली कमाई के लक्ष्य को बढ़ा दिया है. अगले वित्त वर्ष के लिए टिकट के जरिए आमदनी को 5000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 61,000 करोड़ रुपये कर दिया है. वहीं, मालभाड़े के किराए से होने वाली आय का लक्ष्य भी 4000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 1.47 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. ये सभी जानकारी रेल मंत्रालय की ओर से संसद में जारी की गई पिंक बुक से मिली हैं. आपको बता दें कि पिंक बुक में रेलवे की आमदनी और खर्च का पूरा ब्योरा होता हैं. किस जोन में किस प्रोजेक्ट पर कितना खर्च होने वाला है और कौन से प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है. पिंक बुक में रेलवे सभी जोन के प्रोजेक्ट के खर्चों और उनके शुरू करने या फिर बंद करने की भी जानकारी देता है.

किराया बढ़ने से कितनी बढ़ेगी रेलवे की आमदनी- रेलवे ने दिसंबर में यात्री किराया बढ़ाने का ऐलान किया. 1 जनवरी 2020 से यात्री किराये में 1 से 4 पैसे प्रति किलोमीटर का इजाफा किया गया है. रेलवे ने स्लीपर क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की है जबकि AC क्लास में 4 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की है. किराए में बढ़ोतरी से रेलवे को 2,312.36 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने की उम्मीद है.

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आनेवाले बजट (Budget 2020) में रेलवे (Railway) को मिलने वाली आर्थिक मदद में 10 से 12% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय (Finance Minister) का फोकस रेलवे में निजी निवेश बढ़ाने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने पर हो सकता है.
आम बजट के साथ रेल बजट


क्यों गिरी मालभाड़े से होने वाली आमदनी- रेलवे ने बताया है कि आर्थिक सुस्ती की वजह से सीमेंट और कोयल की ढुलाई में कमी आई है. रेलवे का कहना है कि तीसरी तिमाही में माल ढुलाई के जरिए आमदनी में जोरदार तेजी आई है. पहली तिमाही में यह 29,066.92 करोड़ रुपये रही थी. जबकि, दूसरी तिमाही में गिरकर 25,165.13 करोड़ रुपये पर आ गई. इसके बाद अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर 28,032.80 करोड़ रुपये हो गई है.

अक्टूबर- दिसंबर तिमाही में बढ़ी है रेलवे की आमदनी
अप्रैल-जून तिमाही के दौरान रेलवे की आमदनी 13,398.92 करोड़ रुपये रही है. वहीं, जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 13,243.81 करोड़ रुपये रह गई. इसके बाद अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ये गिरकर 12844.37 करोड़ रुपये पर आ गई है.

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बजट में हुई रेलवे को लेकर ये 10 बड़ी घोषणाएं

(1) रेलवे के स्वामित्व वाली भूमि पर रेल पटरियों के साथ एक बड़ी सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करना
(2) पीपीपी मोड के माध्यम से चार स्टेशन और 150 यात्री ट्रेनों का संचालन किया जाएगा
(3) तेजस जैसी और ट्रेनों को देश के प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों से जोड़ा जाएगा.
(4) मुंबई से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड ट्रेन को सक्रिय रूप से चलाया जाएगा.
(5) 18 600 करोड़ रुपये की लागत से 148 किमी लंबी बेंगलुरु उपनगरीय परिवहन परियोजना शुरू की जाएगी, जिसका किराया मेट्रो मॉडल की तरह होगा. केंद्र सरकार 20 प्रतिशत फंड देगी और बाहर से 60 प्रतिशत धन जुटाया जाएगा.

(6) 100 लाख करोड़ का नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बनाया जाएगा
(7) नेशनल गैस ग्रिड की शुरुआत की जाएगी
(8) 27 हजार किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण किया जाएगा
(9) पावर एनर्जी के लिए 22 हजार करोड़ का प्रावधान
(10)  दिल्ली-मुंबई और चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे का काम जल्द पूरा होगा.

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First published: February 6, 2020, 10:39 AM IST
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