बिजली जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनेगा रेलवे, 963 स्टेशनों की छतों पर लगाए गए सोलर पैनल

बिजली जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनेगा रेलवे, 963 स्टेशनों की छतों पर लगाए गए सोलर पैनल
सोलर एनर्जी से बिजली की जरूरत को पूरा करेगा रेलवे

रेलवे ने कहा कि 550 और स्टेशनों की छतों पर 198 मेगावाट क्षमता के सौर पैनल लगाने के आर्डर दे दिये गए हैं जिसका क्रियान्वयन जारी है. रेलवे ने 2030 तक शुद्ध रूप से कार्बन उत्सर्जन शून्य करनेका लक्ष्य निर्धारित किया है.

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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने 963 स्टेशनों की छतों पर सौर पैनल लगाये हैं. यह जानकारी रेलवे की ओर से दी गई. रेलवे ने कहा कि 550 और स्टेशनों की छतों पर 198 मेगावाट क्षमता के सौर पैनल लगाने के आर्डर दे दिये गए हैं जिसका क्रियान्वयन जारी है. रेलवे ने 2030 तक शुद्ध रूप से कार्बन उत्सर्जन शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. रेलवे ने अगले 10 वर्षों में 33 अरब यूनिट से अधिक की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा का उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वर्तमान में रेलवे की वार्षिक ऊर्जा जरूरत 20 अरब यूनिट की है.

रेलवे ने एक बयान में कहा, अपनी सभी बिजली जरूरतों के लिए शत-प्रतिशत आत्मनिर्भर बनने के अपने उद्देश्य को प्राप्त करने हेतु और राष्ट्रीय सौर ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देने के वास्ते भारतीय रेलवे ने अब तक 960 से अधिक स्टेशनों पर सौर पैनल लगाये हैं. साथ ही 550 स्टेशनों की छतों पर 198 मेगावाट सौर क्षमता वाले सौर पैनल लगाने के आर्डर दे दिये गए हैं जिसका क्रियान्वयन जारी है.

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रेलवे ने कहा, लगभग 51,000 हेक्टेयर खाली जमीन रेलवे के पास उपलब्ध है और अब रेलवे खाली भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए डेवलपर्स को सभी तरह का सहयोग देने के लिए तैयार है. उल्लेखनीय है कि रेलवे वर्ष 2023 तक 100 फीसदी विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल करने की तैयारी में है.
रेलवे की योजना 2030 तक अपनी खाली पड़ी जमीन का उपयोग करके 20 गीगावाट क्षमता के सौर संयंत्र लगाने की है. जिन स्टेशनों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाये गए हैं उनमें वाराणसी, नयी दिल्ली, पुरानी दिल्ली, जयपुर, सिकंदराबाद, कोलकाता, गुवाहाटी, हैदराबाद और हावड़ा स्टेशन शामिल हैं.
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