Good News: दोबारा शुरू होगी पैसेंजर ट्रेन सर्विस, कई ट्रेनें चलाने की है योजना! जानें क्या है रेलवे का प्लान?

Indian Railways ने यात्रियों की सुविधा के लिए यात्री ट्रेन सेवाओं को अगले दो महीने में बहाल करने का निर्णय लिया है

Indian Railways ने यात्रियों की सुविधा के लिए यात्री ट्रेन सेवाओं को अगले दो महीने में बहाल करने का निर्णय लिया है

Indian Railway: भारतीय रेल जल्द ही अपनी यात्री सेवाएं पूरी तरह शुरू कर सकती है. रेलवे अगले दो महीनों में कोविड से पहले वाली स्थिति में आ सकती हैं.इस दौरान शुरू होने वाली ट्रेन में रेगुलर नहीं, सबके स्पेशल ट्रेन होने की संभावना है.

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नई दिल्ली. रेल यात्रियों (Rail passengers) के लिए बड़ी राहत भरी खबर है. भारतीय रेलवे कोरोना महामारी (Corona virus) की वजह से बंद पड़ी कई ट्रेनें (Train) चलाने की तैयारी में है. भारतीय रेल (Indian Railway) जल्द ही अपनी यात्री सेवाएं पूरी तरह शुरू कर सकती है. रेलवे अगले दो महीनों में कोविड से पहले वाली स्थिति में आ सकती हैं. PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अगले दो महीने में यात्री सेवा पूरी तरह बहाल हो सकती है. इस दौरान शुरू होने वाली ट्रेन में रेगुलर नहीं, सबके स्पेशल ट्रेन होने की संभावना है. हालांकि, सूत्र का यह भी कहना है कि यह तभी संभव है, जब राज्य सरकारें इसके लिए मंजूरी दें और साथ ही कोरोनोवायरस महामारी भी कंट्रोल में रहे.

यात्रियों को मिलेगी राहत

बता दें कि यात्री पिछले काफी समय से पैसेंजर ट्रेन सेवा को बहाल किए जाने की मांग कर रहे थे. कम किराये एवं रोजमर्रा के काम के चलते आने-जाने के लिए यात्री ट्रेनें फायदेमंद होती हैं. मगर ऐसी ट्रेनों मे मुसाफिरों की भीड़ के चलते संक्रमण का डर था. ऐसे में रेलवे ने इस सेवा को बहाल नहीं किया था. मगर अब स्थिति में सुधार को देखते हुए इसे दोबारा चलाए जाने का निर्णय लिया गया है.

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वर्तमान में 66% ही ट्रेनें चल रहीं

वर्तमान में 66 फीसदी ट्रेनें ही विशेष ट्रेनों के रूप में सर्विस में हैं. रेलवे द्वारा चलाई जा रही विशेष ट्रेनों में मामूली रूप से अधिक किराया है. इनमें कुछ श्रेणियों को छोड़कर कोई रियायत नहीं हैं और ये पूरी तरह से आरक्षित सेवाओं के रूप में सर्विस में हैं. अब तक, 77 फीसदी मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें सेवा में हैं. जबकि 91 फीसदी सबअर्बन ट्रेनें चल रही हैं. वहीं, सिर्फ 20 फीसदी पैसेंजर ट्रेनें वर्तमान में पटरियों पर हैं.
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