दिल्ली-अमृतसर के बीच हवा से बातें करेंगी ट्रेन! रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तक पहुंचाने की है तैयारी

रेलवे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.

रेलवे ने ट्रेनाें की स्पीड बढ़ाने काे लेकर सभी आश्वयक अवसंरचना अपग्रेडेशन कार्याें काे पूरा करने के लिए लॉकडाउन में ट्रेनाें की कम आवाजाही का फायदा उठाया. इस दाैरान दिक्कताें काे दूर कर ट्रैक और उसके बुनियादी ढांचे काे मजबूत करने का काम किया.

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    नई दिल्ली. भारतीय रेलवे (Indian railway) दिल्ली-अमृतसर रूट (Delhi- Amritsar) पर जल्द ही 130km/hr की रफ्तार से ट्रेन चलाएगी. इसे लेकर नॉर्दन रेलवे (Northern Railway) के जनरल मैनेजर आशुताेष गंगाल ने रविवार ने लुधियाना, जालंधर स्टेशनाें का दाैरा किया और इस बात की पुष्टि की कि दिल्ली-अमृतसर रूट पर आने वाले दिनाें में ट्रेन की स्पीड 130 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की हाेगी. उन्हाेंने कहा इसके लिए ट्रेक का इंस्पेक्शन करने ही वे आए थे. इससे पहले ट्रेन 110 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. हम स्पीड बढ़ा रहे है और इसे लेकर सभी कार्य पूरे भी कर लिए गए है. अहमदाबाद से मुंबई के ट्रेक पर हमारी ट्रेन 130 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दाैड़ रही है.


    आशुताेष ने चंड़ीगढ़ रेलवे स्टेशन के यार्ड का भी निरीक्षण किया. जहां ट्रायल के ताैर पर ट्रेन काे 130 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चंड़ीगढ़ से अंबाला कैंट पर चलाया गया था. आशुतोष गंगाल ने अंदौरा- चंडीगढ़ खंड का  भी व्यापक निरीक्षण किया. इस दाैरान उनके साथ अंबाला डिवीजन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर जी.एम. सिंह और अंबाला डिवीजन के वरिष्ठ मंडल अधिकारी उपस्थित थे. उन्हाेंने अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया. वहीं नंगल दमवाड़ा परियोजना के बारे में भी चर्चा की. वे हिमाचल के ऊना स्टेशन गए जहां उन्हाेंने डिपाे, रनिंग रूम, रेलवे कॉलाेनी, एएसएम ऑफिस, सर्कुलेटिंग एरिया के साथ यात्रियाें के लिए बनाए गए नए वेटिंग रूम का निरीक्षण किया. 


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    लॉकडाउन में दूर की कमियां

    रेलवे ने सभी आश्वयक अवसंरचना अपग्रेडेशन कार्याें काे पूरा करने के लिए काेविड- 19 लॉकडाउन की अवधि में ट्रेनाें की कम आवाजाही का फायदा उठाया और इस दाैरान आने वाली दिक्कताें काे दूर कर ट्रैक और उसके बुनियादी ढांचे काे मजबूत करने का काम किया. जिसके चलते अब रेलवे विभिन्न रूट्स पर ट्रेनाें की रफ्तार बढ़ाने में सफल हाे रहा है. इसके साथ ही इस दाैरान 260 मीटर लंबी वेल्डेड रेल पटरियां भी बिछाई गई और विभिन्न स्थानाें पर घुमाव व चढ़ाई वाली पटरियाें काे सुधारा गया. 


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    जाेन द्वारा किए गए इन सुधाराें के आधार पर आरडीएसओ/ लखनऊ ने पिछले साल जुलाई और अक्टूबर के दाैरान 130 किलाेमीटर प्रति घंटे की गति से सभी वर्गाें के इस्ट्रूमेंटेड काेचाें से निर्मित कन्फर्मेटरी ऑसिलाेग्राफ कार रन (सीओसीआर) के माध्यम से ऑसीलेशन परीक्षण किए. वहीं जांच के दाैरान ट्रैक मापदंडाे के अतिरिक्त सिग्नलिंग पहलू, ट्रैक्शन वितरण उपकरण, लाेकाेमाेटिव एवं काेच फिटनेस जैसे अन्य क्षेत्राें काे भी जांचा और रिकॉर्ड किया गया.

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