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इन रूट्स पर प्राइवेट कंपनियों को मिल सकता है ट्रेन चलाने का जिम्मा! कुछ ऐसा हैं रेलवे का नया प्लान

News18Hindi
Updated: June 26, 2019, 10:59 AM IST

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-लखनऊ और मुंबई-शिर्डी के रूट पर विचार किया जा सकता है. वहीं बैंग्लुरू-चेन्नई, अहमदाबाद-मुबंई रूट्स पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनियों को देने पर विचार जारी है.

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  • Last Updated: June 26, 2019, 10:59 AM IST
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केंद्र की मोदी सरकार कुछ रूट्स पर पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनियों को देने पर विचार जारी है. इस प्लान को सरकार ने अपने 100 दिनों के एजेंडे में भी शामिल किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-लखनऊ और मुंबई-शिर्डी के रूट पर विचार किया जा सकता है. वहीं बैंग्लुरू-चेन्नई, अहमदाबाद-मुबंई और केरल के त्रिवेंद्रम-कन्नूर रूट्स को भी इसमें शामिल किए जाने की उम्मीद है. ये सभी रूट्स 500 किमी के डिस्टेंस में आते हैं. आपको बता दें कि इससे पहले CNBC आवाज़ के सूत्रों की ओर से  शताब्दी (Shatabdi) और राजधानी (Rajdhani) जैसी प्रीमियम ट्रेनों की कमान निजी हाथों को सौंपी जा सकती है. सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक रेल मंत्रालय इसकी योजना तैयार कर रहा है. यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए रेल मंत्रालय ने ये योजना तैयार की है. इस तरह से रेलवे का खर्च कम होगा और इससे यात्रियों को भी अच्छी सर्विस मिलेगी.

शताब्दी और राजधानी ट्रेनों से की जा सकती है शुरुआत- CNBC आवाज़ के सूत्रों के मुताबिक, ट्रेनों की निजीकरण की शुरुआत शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों से होगी. रेलवे के मुताबिक ट्रेनों के निजीकरण से यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी. मोदी सरकार के सत्ता में लौटने के बाद रेलवे ने तैयार किए अपने इस प्लान में प्रीमियम ट्रेन के परमिट देने की योजना को भी शामिल किया है.

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टेंडर प्रक्रिया से जरिये होगा कंपनी का चयन- निजी कंपनियों का चुनाव टेंडर प्रक्रिया के जरिये किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्रालय इन कंपनियों को परमिट जारी करेगा. हालांकि रेल के डिब्बों और इंजन की जिम्मेदारी रेलवे की होगी, लेकिन स्टॉफ समेत सुविधाओं का जिम्मा निजी कंपनी पर होगा.



यात्री किराये की ऊपरी सीमा रेलवे तय करेगा- रेलवे बोर्ड योजना के लिए मसौदा तैयार कर रहा है. किराये की ऊपरी सीमा रेलवे तय करेगा. कंपनी तय किराए से अधिक वसूल नहीं कर पाएगी.

ये भी पढ़ें-घर बैठे सिर्फ एक कॉल पर ट्रेन टिकट होगा कैंसल, जानिए प्रोसेसपहले माना जा रहा था कि रेलवे को ट्रेनों का निजीकरण करने के लिए रेग्युलेटर बनाना अनिवार्य होगा, लेकिन अब रेलवे ने जिस तरह का संकेत दिया है कि उससे लग रहा है कि रेग्युलेटर नियुक्त करने से पहले भी इस प्लान को लागू किया जा सकता है.

 

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First published: June 26, 2019, 10:42 AM IST
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