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Economic Survey 2021: देश में सिर्फ 36 प्रतिशत पेटेंट, दुनिया की दस बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में यह 62 प्रतिशत रिसर्च एंड डेवलपमेंट

Economic Survey 2021: देश में सिर्फ 36 प्रतिशत पेटेंट, दुनिया की दस बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में यह 62 प्रतिशत रिसर्च एंड डेवलपमेंट

सर्वे में यह चिंता जताई गई है कि भारतीय कंपनियां उम्मीद से बेहद कम काम नवाचार के लिए करती है.

सर्वे में यह चिंता जताई गई है कि भारतीय कंपनियां उम्मीद से बेहद कम काम नवाचार के लिए करती है.

भारत के सरकारी क्षेत्र में आरएंडडी कर्मचारियों की संख्या 36 और रिसर्चर की 23 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि दस शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में यह हिस्सेदारी औसतन 9 प्रतिशत है.

    नई दिल्ली. किसी भी देश को तरक्की की नई ऊंचाई पर ले जाने में रिसर्च का अहम योगदान होता है. लेकिन भारत में इसमें पिछड़ रहा है. दुनिया की दस सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर औसतन 68 फीसदी खर्च होता है, जबकि भारत में यह सिर्फ 37 प्रतिशत है.

    देश में रिसर्च की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सरकारी क्षेत्र की है। भारत के सरकारी क्षेत्र में आरएंडडी कर्मचारियों की संख्या 36 और रिसर्चर की 23 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि दस शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में यह हिस्सेदारी औसतन 9 प्रतिशत है. इसी तरह, शीर्ष दस अर्थव्यवस्थाओं में औसतन 62 प्रतिशत की तुलना में भारत में लोगों ने केवल 36 प्रतिशत पेटेंट का योगदान दिया है.
    सर्वे रिपोर्ट में यह अपेक्षा की गई है कि भारत को आरएंडडी में निवेश में उल्लेखनीय रूप से वृद्धि करनी चाहिए. ताकि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने की अपनी आकांक्षा को प्राप्त किया जा सके. अभी भारत दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थवयवस्था है. इसके लिए भारत की फर्मों को कुल पेटेंट में अपना हिस्सा बढ़ाना चाहिए. सर्वे में यह चिंता जताई गई है कि भारतीय कंपनियां उम्मीद से बेहद कम काम नवाचार के लिए करती है. भारत को सिर्फ जुगाड़ इनोवेशन के भरोसे नहीं रहना चाहिए. रिपोर्ट के मुताबिक भारत को इनोवेशन आउटपुट पर अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए संस्थानों और व्यावसायिक परिष्कार को मजबूत करने पर भी ध्यान देना चाहिए.

    Tags: Annual Economic Survey, Budget 2021

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