Coronavirus- अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर, आप पर होगा ये असर

भारतीय रुपया नीचे फिसल गया
भारतीय रुपया नीचे फिसल गया

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और अर्थव्यवस्था (Coronavirus impact on India) पर इसके असर के मद्देनजर निवेशकों ने तेजी से बिकवाली की, जिसका नकारात्मक असर रुपये (Indian Rupee) पर देखने को मिला.

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नई दिल्ली. कोरोना के कहर का असर अब अन्य करेंसी के साथ-साथ भारतीय रुपये (Coronavirus Impact on India) पर भी पड़ा रहा है. गुरुवार को भारतीय रुपया पहली बार 76.42 प्रति डॉलर के नीचे फिसल गया. देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और अर्थव्यवस्था पर इसके असर के मद्देनजर निवेशकों ने तेजी से बिकवाली की, जिसका नकारात्मक असर रुपये पर देखने को मिला.

कारोबारियों ने कहा कि कोरोना वायरस के देश दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर निवेशकों लगातार भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रमुख-परामर्श (पीसीजी) देवर्ष वकील के मुताबिक, अन्य एशियाई करेंसी में आई गिरावट का असर रुपये पर भी पड़ा है. इसीलिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में जोरदार गिरावट आई.

रुपये की शुरुआत आज कमजोरी के साथ हुई है. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 62 पैसे की कमजोरी के साथ 74.25 के स्तर पर खुला है. आइए जानें रुपये की कमजोरी कैसे आप पर भारी पड़ेगी.



एलकेपी सिक्योरिटीज के एनालिस्ट का कहना है कि कि रुपये में गिरावट की प्रमुख वजह कच्चे तेल के इंपोटर्स की लिवाली के बीच स्थानीय शेयर बाजारों से विदेशी फंड की निकासी है.
रुपये में गिरावट से क्या होगा- रुपये के लगातार कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण विदेशी निवेशकों ओर से हो रही है बिकवाली है. जब ऐसा होता है तो रुपये पर दबाव बनता है और यह डॉलर के मुकाबले टूट जाता है.

 

भारतीय एक्सपोटर्स को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने से फायदा होता है. उनकी कमाई बढ़ जाती है. विदेश यात्रा पर जाने वालों को भी रुपया कमजोर होने का नुकसान उठाना पड़ता है. डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने का मतलब दूसरे देश से आयात करना महंगा पड़ता है. बाहर से मंगाया जाने वाला सामान ज्यादा कीमत पर मंगावाना पड़ेगा तो नुकसान होगा.

आइए जानें रुपये की कमजोरी कैसे आप पर भारी पड़ेगी?

 भारतीय निर्यातकों को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने से फायदा होता है. उनकी कमाई बढ़ जाती है.




> भारतीय निर्यातकों को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने से फायदा होता है. उनकी कमाई बढ़ जाती है.

 विदेश यात्रा पर जाने वालों को भी रुपया कमजोर होने का नुकसान उठाना पड़ता है.




> विदेश यात्रा पर जाने वालों को भी रुपया कमजोर होने का नुकसान उठाना पड़ता है.

 डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने का मतलब दूसरे देश से आयात करना महंगा पड़ता है. बाहर से मंगाया जाने वाला सामान ज्यादा कीमत पर मंगावाना पड़ेगा तो नुकसान होगा.




डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने का मतलब दूसरे देश से आयात करना महंगा पड़ता है. बाहर से मंगाया जाने वाला सामान ज्यादा कीमत पर मंगावाना पड़ेगा तो नुकसान होगा.



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