एशिया में सबसे कमजोर हुआ चीन का युआन, भारत पर हो रहा है ये असर

अगस्त महीने में चीन की करेंसी युआन (China Currency Yuan) एशिया (Asia) में सबसे ज्यादा कमजोर हुई है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने में अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले युआन 4 फीसदी गिर चुका है.

News18Hindi
Updated: August 28, 2019, 4:38 PM IST
एशिया में सबसे कमजोर हुआ चीन का युआन, भारत पर हो रहा है ये असर
एशिया में सबसे कमजोर चीन का युआन, भारत पर हो रहा है ये असर
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Updated: August 28, 2019, 4:38 PM IST
अगस्त महीने में चीन की करेंसी युआन (China Currency Yuan) एशिया (Asia) में सबसे ज्यादा कमजोर हुई है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने में अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले युआन 4 फीसदी गिर चुका है. इस गिरावट के पीछे अमेरिका और चीन (USA-China) के बीच लंबे समय से चल रहा 'ट्रेड वॉर' (Trade War) है. आपको बता दें कि दोनों ही देश एक दूसरे को हर संभव नुकसान पहुंचाने की जुगत में लगे हैं. इसी कड़ी में चीन ने अमेरिका को नुकसान पहुंचाने के इरादे से अपनी करेंसी युआन का अवमूल्यन कर दिया. इससे अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बाकी देशों के मुकाबले चीनी प्रोडक्ट की कीमत कम हो गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन युआन में गिरावट से भारतीय रुपया भी टूट रहा है. इससे भारत में महंगाई बढ़ने की आशंका है. 


भारतीय रुपये में भी आई गिरावट- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया है कि एशिया की दूसरी सबसे कमजोर करेंसी भारतीय रुपया है. अगस्त में अब तक एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 3.5 फीसदी से ज्यादा गिर गया है.

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>> इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीनी करेंसी में आई गिरावट का असर भारतीय रुपये पर है. एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल बताते हैं कि चीनी करेंसी के उलट भारतीय रुपये की कीमत केंद्र सरकार नहीं तय करती है. ये मार्केट पर आधारित है.


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>>  इसीलिए युआन के गिरने से भारतीय रुपया भी कमजोर हो रहा है. हालांकि, मौजूदा समय में रुपये के गिरने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं होगा. क्योंकि क्रूड की कीमतें पहले से गिरी हुई है. लिहाजा रुपये की कमजोरी भारतीय एक्सपोर्ट को सहारा देगी. हालांकि, इससे इंपोर्ट जरूर महंगा हो जाएगा.

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कितना और गिरेगा रुपया- मार्केट रिसर्च फर्म जेपी मॉर्गन की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि कि रुपया बीते साल के अक्टूबर के स्तर से भी नीचे चला जाएगा. वहीं नोमुरा को आशंका है कि रुपया इस साल के अंत तक 72.50 के स्तर तक पहुंच सकता है.

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First published: August 28, 2019, 3:56 PM IST
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