अमेरिकी डॉलर सामने फिर कमजोर हुआ भारतीय रुपया! आम आदमी पर होगा ये असर

अमेरिकी डॉलर सामने फिर कमजोर हुआ भारतीय रुपया! आम आदमी पर होगा ये असर
क्या है इनाम: इस प्रतियोगिता में पहले स्थान पर रहने वाले को 10 हजार रुपए, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 7500 रुपए और इनाम 2000 रुपए होगा.

भारतीय रुपये में गिरावट का दौर जारी है. बुधवार को एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 22 पैसे टूटकर 70.32 के स्तर पर खुला है. आपको बता दें कि भारतीय रुपया फिर से अपने सबसे निचले स्तर के करीब पहुंच गया है. आइए जानें ऐसा क्या हुआ...

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2018, 2:06 PM IST
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भारतीय रुपये में गिरावट का दौर जारी है. बुधवार को एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 70.57 पर आ गया है. इससे आम आदमी और सरकार दोनों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी, क्योंकि भारत अपनी जरुरत का 80 फीसदी कच्चा तेल ज्यादातर देशों से डॉलर में खरीदता है. ऐसे में ज्यादा रुपये खर्च करने होंगे. लिहाजा देश में पेट्रोल-डीजल समेत कई चीजें महंगी हो जाएंगी. आपको बता दें कि सुबह रुपया 22 पैसे टूटकर 70.32 के स्तर पर खुला था. हालांकि, मंगलवार के कारोबार में 6 पैसे की बढ़त के साथ 70.10 के स्तर पर बंद हुआ था. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि महीने के अंत में ऑयल मार्केटिंग कंपनी (HPCL, IOC, BPCL) की ओर से डॉलर की डिमांड बढ़ जाती है. इसीलिए रुपये पर दबाव बढ़ गया है.

क्रूड और डॉलर पर नजर- एक्सपर्ट्स कहते हैं कि रुपये में आगे भी गिरावट जारी रह सकती है. दरअसल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आए सुधार के चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है. इसीलिए दुनियाभर की करेंसी पर दबाव है. हालांकि, देश में विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है. इसीलिए रुपये में ज्यादा बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है. (ये भी पढ़ें-VIDEO: सिक्के लेने से मना नहीं कर सकते बैंक, जानें RBI के ये नियम )

मोतीलाल ओसवाल इंस्टीट्यूशन इक्विटीज के एमडी रजत राजगढ़िया का कहना है कि रुपये की कमजोरी भारतीय इकोनॉमी के लिए अच्छी रहेगी. घरेलू निवेश बाजार को तेजी से दौड़ा रहे है और इस तेजी में बाजार के दिग्गज शेयर चलते रहेंगे.



डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरा! जानिए आपको कितना नुकसान होगा?





आम आदमी पर क्या होगा असर
> भारत अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट आयात करता है.
> रुपये में गिरावट से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का आयात महंगा हो जाएगा.
> तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं.
> डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ जाएगी, जिसके चलते महंगाई में तेजी आ सकती है.
> इसके अलावा, भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेलों और दालों का भी आयात करता है.
> रुपये के कमजोर होने से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों और दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं.
First published: August 29, 2018, 11:12 AM IST
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