बड़ी खबर! अर्थव्यवस्था में मंदी पर अलर्ट हुआ PMO, हुई अहम बैठक! इन फैसलों पर लग सकती हैं मुहर

विदेशी निवेशकों की ओर से जारी बिकवाली के चलते घरेलू शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के बाद पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने बड़ी बैठक बुलाई है.

News18Hindi
Updated: August 2, 2019, 3:09 PM IST
News18Hindi
Updated: August 2, 2019, 3:09 PM IST
विदेशी निवेशकों की ओर से जारी बिकवाली के चलते घरेलू शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के बाद पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने बड़ी बैठक हुई है. सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स यानी विदेशी निवेशकों को राहत देने के लिए सरकार सरचार्ज के फैसले पर बड़ा कदम उठाया जा सकता है. साथ ही, प्राइवेट लिस्टेड कंपनियों को पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने के फैसले से छुटकारा मिल सकता है. अर्थव्यवस्था में बढ़ती चिंता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय हरकत में आ गया है.

भारत नहीं रहा दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था-  भारत के सिर से दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज छिन गया है. अर्थव्यस्था की दृष्टि से भारत सातवें पायदान पर पहुंच गया है. भारतीय अर्थव्यवस्था के साल 2018 में सुस्त रहने की वजह से भारत को अब बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा है.

विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस की अर्थव्यवस्था में भारत के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ रिकॉर्ड की गई, जिस वजह से इन दोनों से एक-एक पायदान का छलांग लगाया है. ब्रिटेन 5 पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि छठे स्थान पर फ्रांस काबिज हो गया है. जिस वजह से भारत पांचवें स्थान से खिसक कर सातवें पायदान पर आ गया है. इस लिस्ट में अमेरिका टॉप पर बरकरार है.

भारत नहीं रहा दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (फाइल फोटो)


हुई अहम बैठक- सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने वित्त मंत्रालय, नीति आयोग और प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद को निर्देश जारी देश की अर्थव्यवस्था में मंदी और निवेशकों में निराशा के कारण जानने को कहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर दूसरी बैठक ले सकते हैं. जब तक कोई ठोस रणनीति नहीं बनती तब तक निवेशकों की चिंताएं दूर करने के लिए कई मुद्दे पर सहमति बनी है.

विदेशी निवेशकों ने की भारी बिकवाली-जुलाई महीने में विदेशी निवेशकों ने 16,870 करोड़ रुपये की बिकवाली की है. वहीं, जून महीने में सिर्फ 688 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी. इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में सरचार्ज बढ़ने के बाद तेजी से एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली की है.

ये भी पढ़ें-सरकार की कामयाबी! 1 लाख करोड़ के पार हुआ GST कलेक्शन
Loading...

(1) फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) को सरचार्ज से जल्द राहत देने पर विचार किए जाने पर भी सहमति बन गई है. आपको बता दें कि बजट में 2 करोड़ रुपये और 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई पर सरचार्ज लगाने का ऐलान किया गया था. सरचार्ज के दायरे में आने के बाद FPI ने बड़े पैमाने पर पैसा निकालना शुरू कर दिया.

(2) इस बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि सरचार्ज से FPI को राहत देने के अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जाएगा.

विदेशी निवेशकों ने की भारी बिकवाली


ये भी पढ़ें-BSNL-MTNL के बुरे हुए हालात नहीं दी 1.98 लाख लोगों की सैलरी!

(3) इसके बाद फाइनेंस एक्ट में बदलाव किए बगैर FPI को राहत देने के रास्ते तलाशे जा रहे हैं. वित्त मंत्रालय में भी FPI को सरचार्ज से राहत देने के मुद्दे पर चर्चा की जा रही है.

क्यों परेशान है विदेशी निवेशक- सरकार ने बजट में 2-5 करोड़ रुपये की टैक्सबेल आमदनी पर सरचार्ज 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी और 5 करोड़ से अधिक की कमाई पर 15 फीसदी से बढ़ाकर 37 फीसदी कर दिया.

यह सरचार्ज इंडिविजुअल, हिंदू अविभाजित परिवार, ट्रस्ट और असोसिएशंस ऑफ पर्संस पर लगाया गया है, लेकिन इसका असर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों, सॉवरेन वेल्थ फंड (दूसरे देशों के सरकारी फंड) और ऑल्टरनेट इनवेस्टमेंट फंडों पर भी लगता है. इस फैसले से देश में रजिस्टर्ड एफपीआई में से 40 फीसदी इसके दायरे में आ गए है. हालांकि, फाइनेंस बिल में कुछ बड़े बदलावों की उम्मीद थी.

 

(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक-पॉलिसी एडिटर, सीएनबीसी आवाज़)
First published: August 2, 2019, 1:56 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...