भारत को लेकर ट्रंप का 'टैरिफ किंग' वाला दावा है झूठा!

डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

भारत के 'टैरिफ किंग' होने के ट्रंप के दावे को इंटरनैशनल ट्रेड एक्सपर्ट्स ने गलत बताया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2019, 11:47 AM IST
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अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप कई बार भारत को चेतावनी देते हुए कह चुके हैं की भारत ज्यादा टैरिफ चार्ज करने वाला देश है. भारत को ये टैरिफ कम करने की जरूरत है वरना अमेरिका भी अपनी चीजों पर ज्यादा टैक्स लगा सकता है. भारत के 'टैरिफ किंग' होने के ट्रंप के दावे को इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपर्ट्स ने गलत बताया है. उनका कहना है कि भारत के पास एग्रीकल्चर जैसे विशेष सेक्टर्स के हितों की सुरक्षा के उपाय करने का पूरा अधिकार है. (ये भी पढ़ें: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने किया अलर्ट! ITR भरने के बाद ना भूलें ये काम)

इस वजह से एक्सपर्ट्स ने ट्रंप के आरोपों को गलत बताया
एक्सपर्ट्स ने अमेरिका के इस आरोप को गलत बताया है कि भारत की इंपोर्ट ड्यूटी दुनिया में सबसे अधिक में से एक है. एक्सपर्ट्स ने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया, यूरोपियन यूनियन और अमेरिका सहित कई विकसित देशों और रीजन में एग्रीकल्चर प्रॉडक्ट्स पर बहुत अधिक टैरिफ है.

इन प्रोडक्ट्स पर अमेरिका लेता है 350 पर्सेंट ड्यूटी
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप कहते रहे हैं कि भारत एक 'टैरिफ किंग' है और वह अमेरिकी प्रॉडक्ट्स पर बहुत अधिक इम्पोर्ट ड्यूटी लगाता है. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में इकनॉमिक्स के प्रोफेसर बिश्वजीत धर ने कहा कि अमेरिका के आरोप पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने बताया, 'वास्तव में अमेरिका में कई प्रॉडक्ट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी बहुत अधिक है. तंबाकू पर लगभग 350 पर्सेंट और मूंगफली पर 164 पर्सेंट ड्यूटी है.'



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अमेरिका दुनिया का सबसे अमीर देश है: FIEO
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन (FIEO) का कहना है कि अल्कोहोलिक बेवरेजेज पर 150 पर्सेंट, कॉफी पर 100 पर्सेंट और ऑटोमोबाइल पर 60-75 पर्सेंट के ऊंचे टैरिफ के कारण ट्रंप की नजरों में भारत एक खलनायक बन गया है.

FIEO के डायरेक्टर कहना है कि अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपियन यूनियन सहित बहुत से देश एग्रीकल्चर प्रॉडक्ट्स पर बहुत अधिक टैरिफ लगाते हैं. एक अन्य एक्सपर्ट ने कहा कि अमेरिका को भारत जैसे विकासशील देशों पर टैरिफ को लेकर भेदभाव का आरोप नहीं लगाना चाहिए क्योंकि अमेरिका 60,000 डॉलर प्रति वर्ष की प्रति व्यक्ति आमदनी के साथ दुनिया के सबसे धनी देशों में से एक है.

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अमेरिका ने GSP के तहत भारतीय निर्यातकों को मिलने वाले इंसेंटिव हाल ही में वापस लेने का फैसला किया था. हालांकि, भारत ने कहा है कि इससे निर्यातकों पर अधिक असर नहीं पड़ेगा क्योंकि ये लाभ लगभग 19 करोड़ डॉलर प्रति वर्ष का ही था.
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