अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले ही भारतीय महिलाओं ने रच डाला इतिहास, जानें पूरा मामला

एमटी स्वर्ण कृष्णा मालवाहक पानी जहाज को सिर्फ महिला अधिकारियों ने ही संचालित किया.

एमटी स्वर्ण कृष्णा मालवाहक पानी जहाज को सिर्फ महिला अधिकारियों ने ही संचालित किया.

शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Shipping Corporation of India) में काम कर रहीं महिला अधिकारियों ने नई गाथा लिख दी है.

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नई दिल्ली. ग्रंथों में कहा गया है- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः । यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः ।।  यानी जहां स्त्री जाति या नारी शक्ति का आदर-सम्मान होता है, उनकी आवश्यकताओं-अपेक्षाओं की पूर्ति होती है, उस स्थान, समाज और परिवार पर देवतागण प्रसन्न रहते हैं. जहां ऐसा नहीं होता और उनके प्रति तिरस्कारमय व्यवहार किया जाता है, वहां देवकृपा नहीं रहती है और वहां संपन्न किए गए कार्य सफल नहीं होते हैं. 21वीं सदी में शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा हो जहां नारी शक्ति का डंका ना बज रहा हो. कई क्षेत्रों में तो महिलाएं, पुरूषों से भी आगे निकल गई हैं. इसी कड़ी में महिलाओं ने एक और इतिहास रच दिया है. दरअसल, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में काम कर रहीं महिला अधिकारियों ने नई गाथा लिख दी है. इन महिला अधिकारियों ने जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से पानी के जहाज को संचालित किया. एमटी स्वर्ण कृष्णा मालवाहक पानी जहाज को सिर्फ महिला अधिकारियों ने ही संचालित किया. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) ने इस मालवाहक जहाज को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

वैश्विक मेरीटाइम इतिहास में पहली बार हुई है यह घटना
मनसुख मंडाविया ने इन महिला नाविकों (Seafarers) के साहस, योगदान और त्याग की भूरी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि ये भारतीय महिला अधिकारी पूरी दुनिया के मेरीटाइम कम्युनिटी के लिए इंडियन एम्बेसडर के रूप में काम किया है. शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के सीएमडी एच के जोशी,शिपिंग सचिव डॉ. संजीव रंजन, जेएनपीटी चेयरमैन संजय शेठी भी इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने.

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मेरीटाइम को लेकर आम लोगों की थी पहले ये धारणा


लंबे समय से यह धारणा बनी हुई थी कि नाविका का प्रोफेशन पुरुषों के लिए उचित है. एससीआई के इन महिला अधिकारियों ने इस मिथक को भी तोड़ डाला. पिछले कुछ सालों से देखा गया है कि एससीआई ने महिला अधिकारियों की नियुक्ति को तवज्जो दी है. यहीं नहीं कंपनी ने आयु और शुल्क में छूट जैसे कई कदम भी उठाए है. इस प्रयास के लिए एससीआई को कई पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है.

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इस थीम पर मनाया जाएगा अंतराष्ट्रीय महिला दिवस
कोरोना काल के बावजूद भारतीय महिला अधिकारियों द्वारा इस अदम्य साहस का पूरी दुनियां में सराहना की जा रही है. इन महिला अधिकारियों का हौसला और बढ़ाने के लिए 8 मार्च 2021 को वीमेन इन लीडरशिप: एचीविंग एन इकुएल फ्यूचर इन अ कोविड 19 वर्ल्ड (Women in Leadership: Achieving an equal future in a COVID-19 world) थीम पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा. साल 2019 में भी एम्पोवेरिंग वीमेन इन द मेरीटाइम कम्युनिटी (Empowering women in the Maritime Community) थीम पर अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था.
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