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Cryptocurrency in India: क्रिप्टोकरेंसी को कानून के दायरे में लाने के खिलाफ हैं 54 फीसदी भारतीय-सर्वे

Cryptocurrency in India: क्रिप्टोकरेंसी को कानून के दायरे में लाने के खिलाफ हैं 54 फीसदी भारतीय-सर्वे

भारत सरकार ने मंगलवार को क्रिप्टोकरेंसी बिल (Cryptocurrency Bill) लाने की घोषणा कर दी.

भारत सरकार ने मंगलवार को क्रिप्टोकरेंसी बिल (Cryptocurrency Bill) लाने की घोषणा कर दी.

सरकार क्रिप्टोकरेंसी के नियमन के लिए जो बिल ला रही है उसका नाम है- क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021). इस बिल के माध्यम से सरकार रिजर्व बैंक के तहत एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार कर रही है.

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    Cryptocurrency News: इस बात की खबरें तेजी से फैल रही हैं कि भारत में सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrencies) को बैन किया जा सकता है. सरकार संसद के शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) में इस बारे में बिल लेकर आ रही है. संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर, सोमवार से शुरू हो रहा है.

    सरकार द्वारा क्रिप्टोकरेंसी पर बिल (Cryptocurrency Bill) लाने की घोषणा आने के बाद ही भारत में क्रिप्टो बाजार (Cryptocurrency Price Today) धड़ाम हो गया. लगभग हर बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.

    सरकार क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021) नाम से क्रिप्टोकरेंसी के नियमन का बिल ला रही है. इस बिल के माध्यम से सरकार रिजर्व बैंक के तहत एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार कर रही है.

    क्या कहता है सर्वे (Opinion Poll on Crypto)
    भारत में एक बड़ा वर्ग क्रिप्टोकरेंसी को कानून के दायरे (cryptocurrencies legalized) में लाने के खिलाफ है. क्रेप्टोकरेंसी को लेकर एक ओपिनियन पोल जारी किया गया. इस सर्वे में यह बात निकलकर सामने आई कि 54 प्रतिशत भारतीय क्रिप्टो को कानून के दायरे में लाने के पक्ष में नहीं हैं.

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    15 दिन चले इस सर्वे में देश के अलग-अलग हिस्सों से 56 हजार लोगों को शामिल किया गया और क्रिप्टोकरेंसी को लेकर उनके विचार जाने गए. केवल 26 फीसदी लोगों ने क्रिप्टो को कानूनी दायरे में लाने की बात कही, जबकि 20 फीसदी लोगों की इस बारे में कोई राय नहीं थी.

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    क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों में भारत में सबसे आगे है. इसके बाद भी ज्यादातर लोग इसे कानून के दायरे में लाने के पक्ष में नहीं हैं.

    संसद की स्थायी समिति में विचार
    बता दें कि पिछले हफ्ते क्रिप्टोकरेंसी के संबंध में संसदीय समिति की एक बैठक हुई थी. 16 नवंबर को वित्त मामलों में गठित संसद की स्थायी समिति (Standing Committee on Finance) की क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्लॉकचेन, क्रिप्टो एसेट काउंसिल, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ क्रिप्टोकरेंसी के नियमन और प्रोत्साहन से जुड़े पहलू पर विचार किया था. इस मीटिंग में यह बात निकल सामने आई थी कि क्रिप्टोकरेंसी को रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसके नियमन की जरूरत है.

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    क्रिप्टोकरेंसी बिल (Cryptocurrency Bill)
    केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021) पेश करेगी. इस बिल के माध्यम से सरकार रिजर्व बैंक इंडिया के तहत एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए आसान फ्रेमवर्क तैयार करने की योजना बना रही है. इसकी तकनीक और इस्तेमाल को लेकर भी तैयारी की जा रही है. साथ ही, इस बिल के तहत ऐसा प्रावधान लाया जाएगा, जिससे सारी निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लग जाएगा.

    Tags: Cryptocurrency

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