अपना शहर चुनें

States

चीन को 17 साल में लगा सबसे बड़ा झटका! तेजी से लोग हो रहे है बेरोज़गार

उत्तर कोरिया में सबसे ऊपर सुप्रीम पीपुल्स असेंबली होती है. इसके बाद नेशनल डिफेंस कमीशन होता है. इसके बाद एक कैबिनेट होती है. स्‍थानीय स्तर पर लोकल पीपुल्स असेंबली होती है. इसके नीचे लोकल पीपुल्स कमिटी काम करती है. इसके अलावा अपना न्यायिक संस्‍था भी है. वहां की कोर्ट का नाम पब्लिक प्रोसिक्यूटर्स ऑफ‌िस एंड कोर्ट है. कमोबेस चीन में भी ऐसी ही प्रणाली है.
उत्तर कोरिया में सबसे ऊपर सुप्रीम पीपुल्स असेंबली होती है. इसके बाद नेशनल डिफेंस कमीशन होता है. इसके बाद एक कैबिनेट होती है. स्‍थानीय स्तर पर लोकल पीपुल्स असेंबली होती है. इसके नीचे लोकल पीपुल्स कमिटी काम करती है. इसके अलावा अपना न्यायिक संस्‍था भी है. वहां की कोर्ट का नाम पब्लिक प्रोसिक्यूटर्स ऑफ‌िस एंड कोर्ट है. कमोबेस चीन में भी ऐसी ही प्रणाली है.

चीन के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल चीन की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है. देश की बेरोज़गारी दर में इजाफा हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 15, 2019, 11:05 AM IST
  • Share this:
संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में चीन ने एक बार फिर से अड़ंगा लगाकर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से बचा लिया. इसके बाद भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार के लिए अपील शुरू हो गई है. सोशल मीडिया पर #BoycottChineseProducts और #BoycottChina ट्रेंड करने लगा है. लेकिन चीन की मुश्किलें घरेलू स्तर पर लगातार बढ़ रही है. इस साल के पहले दो महीने में चीन की आर्थिक स्थिति 17 साल में सबसे ज्यादा कमजोर हो गई है.

17 साल में सबसे ज्यादा नाजुक स्थिति-
>> 
चीन के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 के पहले दो महीने में इंडस्ट्रियल आउटपुट गिरकर 17 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है.

 
>> बेरोज़गारी दर दिसंबर के 4.9 फीसदी के मुकाबले फरवरी में बढ़कर 5.3 फीसदी हो गई है.  ये भी पढ़ें: मसूद को बचाने की वजह से चाइनीज माल पर बैन की मांग, क्या अब घुटने टेकेगा चीन?)



अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अमेरिका के साथ जारी ट्रेड वॉर का असर चीन की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है. इसके अलावा शुरुआती दो महीने में छुट्टियां भी थी. इसीलिए देश में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां धीमी हो गई.



>> चीन की सरकार अर्थव्यवस्था को लेकर लगातार कदम उठा रही है. पिछले कुछ दिनों में टैक्स कटौती की गई है. वहीं, ब्याज दरें घटाकर सिस्टम में लिक्वडिटी भी बढ़ाई गई है.

आर्थिक ग्रोथ 28 साल में सबसे कम


>> चीन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पिछले महीने एक साल के निचले स्तर पर आ गया. चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के शनिवार के आंकड़ों में इसकी जानकारी मिली.



>> सीपीआई खुदरा मुद्रास्फीति का मुख्य संकेतक होता है. फरवरी महीने में चीन का सीपीआई महज 1.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा जो कि जनवरी में 1.7 प्रतिशत था. यह लगातार चौथा महीना है जब सीपीआई की वृद्धि दर में गिरावट आयी है. यह जनवरी 2018 के बाद का निचला स्तर भी है.

>> चीन की जीडीपी विकास दर पिछले साल 2018 में 6.6 प्रतिशत पर आ गयी जो पिछले 28 साल का सबसे निचला स्तर है. सरकार ने इस साल के लिये जीडीपी विकास दर 6 से 6.50 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज