वर्ष 2024 तक 99 बिलियन डॉलर तक हाे जाएगा भारत का ई-कॉमर्स बाजार

 टीयर 2 और 3 जैसे शहराें से आने वाले विभिन्न क्षेत्राें में ऑनलाइन उपयाेगकर्ताओं की वृद्धि देखी गई है

टीयर 2 और 3 जैसे शहराें से आने वाले विभिन्न क्षेत्राें में ऑनलाइन उपयाेगकर्ताओं की वृद्धि देखी गई है

वर्ष 2025 तक भारत में 220 मिलियन ऑनलाइन शॉपर्स(online shoppers ) हाेंगे. रिटेल में करीब 10.7 प्रतिशत की उछाल की उम्मीद वर्ष 2024 तक अनुमानित है. जाे कि वर्ष 2019 में 4.7 प्रतिशत थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 4:48 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में ई-कॉमर्स सेक्टर (e-commerce sector)में 2019-24 तक क़रीब 27 प्रतिशत की ग्राेथ हाे सकती है. जिसका मतलब यह है कि यह सेक्टर 2024 तक करीब 99 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. EY-IVCA Trend Book 2021 के द्वारा जारी रिपाेर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. रिपाेर्ट के अनुसार इसमें ग्राेसरी और फैशन (Grocery and fashion)का बाजार इस ग्राेथ में बड़ा हिस्सेदार हाेगा. रिपाेर्ट यह भी कहती है कि वर्ष 2025 तक भारत में 220 मिलियन ऑनलाइन शॉपर्स(online shoppers ) हाेंगे. रिटेल में करीब 10.7 प्रतिशत की उछाल की उम्मीद वर्ष 2024 तक अनुमानित है. जाे कि वर्ष 2019 में 4.7 प्रतिशत थी. इससे यह साफ हाेता है कि सरकार का लक्ष्य डिजिटल इंडिया प्राेग्राम के तहत ऑनलाइन इकनॉमी काे वर्ष 2025 तक ट्रिलियन डॉलर करने का है.


भारत में ऑनलाइन रिटेल मार्केट  25 प्रतिशत हाेने का अनुमान है जाे कि वर्ष 2027 तक 37 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है. टीयर 2 और 3 जैसे शहराें से आने वाले विभिन्न क्षेत्राें में ऑनलाइन उपयाेगकर्ताओं की वृद्धि देखी गई है. यह देशी स्टार्टअप के लिए एक बेहतरीन बाजार के रूप में काम कर सकता है.  रिपाेर्ट के अनुसार छाेटे और मध्यम व्यवसायियाें द्वारा टेक्नाेलॉजी काे अपनाने के प्रतिशत में वृद्धि हाे रही है जिसके चलते डिजिटल नेटिव स्टार्टअप बढ़ने की उम्मीद है. वहीं छाेटे व्यवसायी जिस तरह तेजी से ऑनलाइन पेमेंट्स और माेबाइल चैनल्स काे अपना रहे है वाे टेक्नाेलॉजी पर आधारित स्टार्टअप में भविष्य तलाश रहे है. 


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सरकार के प्रयास भी रंग ला रहे हैं 


साथ ही सरकार के द्वारा पारंपरिक ऑफलाइन बाजार काे डिजिटल बनाने और स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया , स्किल इंडिया, इनाेवेशन फंड और भारतनेट जैसे ई-कॉमर्स सेक्टर काे बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयास भी काम आ रहे है.  रिपाेर्ट में कहा गया है कि ई-कॉमर्स के नए मसाैदा, ई-कॉमर्स नीति, राष्ट्रीय खुदरा नीति और उपभाेक्ता सरंक्षण नियम 2020 जैसे विभिन्न विनियामक सुधार इस क्षेत्र काे आगे बढ़ाने के लिए सरकार के झुकाव काे भी दर्शाते है. रिपाेर्ट में यह भी कहा गया कि इंटरनेट उपयाेग कर्ताओं की तेजी से वृद्धि ने नए उद्यमियाें काे नए मूल्य निर्धारण और स्टॉकिंग प्रथाओं (marketplace vs inventory) के साथ खुद काे स्थापित करने के लिए आकर्षित किया है जबकि पारंपरिक खिलाड़ी (ईट और माेर्टार स्टाेर) इस मामले में अभी भी पीछे है. वे धीरे-धीरे इसे समझ रहे है.


ग्राहकाें की जरूरत के हिसाब से नए उत्पाद पर ध्यान 




इसने बिजनस-टू-बिजनस ई-कॉमर्स (B2C e-commerce)के विकास में मदद की है क्याेंकि अब ब्रांड, तेज वितरण, डिस्काउंट ऑफर, निजीकरण, डिजिटल भुगतान विकल्प, कैश ऑन डिलीवरी और आसान रिटर्न के मामले में कई विकल्प हैं. कंपनियां एक ओमनी चैनल बना रही है जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेल काे लेकर ग्राहकाें के ट्रस्ट ईश्यू काे दूर किया जा सके. भारत में अग्रणी ई-टेलर्स ईट और माेर्टार स्टाेर खाेलने की याेजना बना रहे हैं. डिजिटल B2C कंपनियां उन ब्रांड्स में भी निवेश किया है जाे लाखाें युवाओं काे आकर्षित कर सके बजाय उन ऑनलाइन शॉपकीपर्स के जाे सिर्फ ब्रांड पर ज्यादा फाेकस करते है.  यह कंपनियां ग्राहकाें की जरूरताें के अनुरूप नए उत्पाद पर ध्यान दे रहे है जिससे वे अधिक से अधिक ग्राहक उनसे जुड़ाव महसूस करे.


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बिजनस टू कस्टमर्स (B2C) ई कॉमर्स का उदय


रिपाेर्ट से पता चला है कि बढ़ते बी2सी ई-कॉमर्स परिदृश्य से अंरराष्ट्रीय कंपनियाें का बहुत अधिक ध्यान और निवेश आकर्षित किया है. मुख्य रूप से आपूर्ति श्रृंखला, वैश्विक विस्तार, अधिग्रहण का समर्थन करने और बाजार में नवीन उत्पाद प्रदान करने के लिए बी2बी में पूंजी का एक महत्वपूर्ण प्रवाह भी रहा है. वर्ष 2020 में बी2सी बाजार में इंटीरियर डिजाइनर मार्केटप्लेस लाइवस्पेस में 90 मिलियन डॉलर का निवेश और ऑनलाइन किराना प्लेटफॉर्म बिगबास्केट में 52 मिलियन डॉलर का निवेश किया. वहीं प्रमुख निवेशकाें में वेंचुरी पार्टनर्स, बेसमेमर वेंचर, पार्टनर्स एलपी, गाेल्डमैन सैक्स, टीपीजी कैपिटल इंक, सीडीसी ग्रुप पीएलसी और सी.ओ. इंडिया शामिल है. 


ब्ल्यू वेंचर्स के मैनेजिंग पार्टनर और आईवीसी एसाेसिएशन के वाइस चेयरपर्सन कार्तिक रेड्डी ने अपने बयान में कहा ईकॉम के अगले चरण में हमें भारत के टियर 2 और टियर 3 शहराें और कस्बाें से  100 मिलियन ग्राहक मिलने की उम्मीद करते है. बी2बी और बी2सी कॉमर्स दाेनाें निवेश की जाे लहर आई है वाे एक बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर इशारा कर रही है. कई सब सेक्टर आपस में मिल रहे है और बड़े स्तर पर सामने आ रहे हैं. 

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