कम हो सकता है भारत का निर्यात, जानिए निर्यातकों ने क्यों कहीं यह बात

जनवरी-मार्च तिमाही में इंजीनियरिंग गुड्स, कैमिकल्स, लेदर गुड्स, हैवी इंडस्ट्रीज, हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट जैसी वस्तुओं का निर्यात बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकता है.

निर्यातकों के संगठनों ने कहा है कि चालू तिमाही में देश का विदेश व्यापार प्रभावित हो सकता है. इसकी वजह लिक्विडिटी संकट है.

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    नई दिल्ली. फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO, फियो) और अन्य निर्यात प्रमोशन काउंसिल्स ने कहा है कि चालू तिमाही में देश का विदेश व्यापार प्रभावित हो सकता है. इसकी वजह लिक्विडिटी संकट है.
    फियो ने वाणिज्य मंत्रालय से कहा है कि जनवरी-मार्च तिमाही में इंजीनियरिंग गुड्स, कैमिकल्स, लेदर गुड्स, हैवी इंडस्ट्रीज, हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट जैसी वस्तुओं का निर्यात बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकता है. संगठन के मुताबिक निर्यातकों को सरकार से अभी 25 से 30 हजार करोड़ रुपए का टैक्स रिफंड लेना है. रिफंड न मिलने से निर्यातक लिक्विडिटी की कमी का सामना कर रहे हैं. इसके चलते कई ऑर्डर पूरे नहीं हो पा रहे हैं. लिहाजा, व्यापार में कमी आ सकती है. फियो के मुताबिक यह टैक्स रिफंड मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (MEIS) स्कीम के तहत लिया जाएगा. दूसरी ओर निर्यातक नई टैक्स बेनेफिट स्कीम पर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं.

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    सरकार के पास फंड की कमी, इसलिए क्लेम के बदले मिले लोन
    फियो के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय का कहना है कि निर्यातक केंद्र सरकार की फंड की कमी की समस्या को जानते हैं. इसलिए सरकार को बीच का रास्ता निकालना चाहिए. सरकार को निर्यातकों को क्लेम फाइल करने और उनको स्वीकार करने की मंजूरी देनी चाहिए. इससे निर्यातक क्लेम में मिलने वाली राशि के बदले लोन ले सकेंगे.

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    इस स्कीम से मिलता है निर्यात काे बढ़ावा
    केंद्र सरकार ने 2015 में MEIS स्कीम पेश की थी. नवंबर 2019 में वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) की वजह से स्कीम को सरकार ने बंद कर दिया था। इस स्कीम के तहत निर्यातकों को उनको निर्यात और डेस्टिनेशन के आधार पर ड्यूटी क्रेडिट मिलती है. इसका इस्तेमाल इंपोर्ट ड्यूटी का भुगतान करने के लिए किया जा सकता है. गौरतलब है कि MEIS स्कीम को लेकर अमेरिका ने इंटरनेशनल ट्रेड डिस्प्यूट को लेकर भारत के खिलाफ केस दर्ज कराया था. अमेरिका ने कहा था कि भारत ने व्यापार को बिगाड़ दिया है और वह निर्यातकों को सीधे सब्सिडी देता है. WTO के नियमों में निर्यातकों को सब्सिडी देना प्रतिबंधित है.

    नई स्कीम से निर्यातकों में असमंजस
    केंद्र सरकार ने आम बजट में निर्यातकों के लिए एक नई स्कीम लॉन्च की है. स्कीम के लिए 13 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं. इससे पहले, MEIS स्कीम के सभी लाभ 1 जनवरी 2021 से बंद हो चुके हैं. लेकिन सरकार ने नई स्कीम के टैक्स बेनेफिट की दर तय नहीं की है. इसको लेकर निर्यातकों में असमंजस बना हुआ है.

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