QIP के जरिए 3000 करोड़ रुपये जुटाएगी IndiGo की ऑपरेटर इंटरग्लोबल! क्या है ब्रोकरेज हाउसेस की राय

कोरोना की दूसरी लहर के चलते घरेलू एविएशन इंडस्ट्री को भारी मार पड़ी है

कोरोना की दूसरी लहर के चलते घरेलू एविएशन इंडस्ट्री को भारी मार पड़ी है

भारत में कोरोना की दूसरी लहर का जिन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ा है उसमें एविएशन इंडस्ट्री भी शामिल है. इस तथ्य को देखते हुए ब्रोकरेज हाउसेस ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए एविएशन कंपनियों के अर्निंग अनुमान को घटा दिया है.

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नई दिल्लीकोरोना की दूसरी लहर के चलते घरेलू एविएशन इंडस्ट्री (Aviation industry ) को भारी मार पड़ी है. देश के तमाम राज्यों द्वारा लॉकडउन (Lockdown) के एलान से एयर ट्रैफिक (Air Traffic) में भारी गिरावट देखने को मिली है. इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए  एयरलाइन कंपनी IndiGo की ऑपरेटर InterGlobe Aviation ने अपने फंड रेजिंग के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 3000 करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया में है. कंपनी के इस ऐलान के बाद मंगलवार को  InterGlobe Aviation के  शेयरों में इंट्राडे में 2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली. हालांकि फिलहाल ये शेयर 12.55 बजे के आसपास एनएसई पर 1.55 रुपये यानी 0.09 फीसदी की गिरावट  के साथ 1676 रुपये के आसपास नजर रहा है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन  65,049.79 करोड़ रुपये है. जानकारों का कहना है कि यह फंड रेजिंग एक्सरसाइज क्यूआईपी के जरिए इक्विटी शेयर जारी करके की जा रही है. इससे यह संकेत मिलता है कि भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन की ऑपरेटर कोविड-19 के चलते पैदा हुए मुश्किलों के दौर में लिक्विडिटी के नजरिए से आरामदायक स्थिति में बने रहना चाहती है.


एविएशन कंपनियों के अर्निंग अनुमान को घटा दिया है


कंपनी ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि वह सभी उपलब्ध विकल्पों के जरिए लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिश की संभावना तलाशेगी जिसमें क्यूआईपी भी शामिल है. भारत में कोरोना की दूसरी लहर का जिन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ा है उसमें एविएशन इंडस्ट्री भी शामिल है. इस तथ्य को देखते हुए ब्रोकरेज हाउसेस ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए एविएशन कंपनियों के अर्निंग अनुमान को घटा दिया है. 


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Centrum Broking का कहना है कि पूरे भारत में कोरोना की दूसरे लहर के चलते एयर ट्रैफिक रिकवरी को भारी चोट पहुंची है जिसको ध्यान में रखते हुए हमने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए डोमेस्टिक ट्रैफिक एस्टीमेट वित्त वर्ष 2020 के  85 फीसदी से घटाकर 76 फीसदी कर दिया है जबकि वित्त वर्ष 2023 के लिए इस अनुमान को वित्त वर्ष 2020 के  95 फीसदी पर बनाए रखा है. 




Centrum Broking के रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वित्त  वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में तिमाही आधार पर 24.7 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है. चौथी तिमाही के बाद की अवधि में भी अब तक इसमें 2.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है जिसको ध्यान में रखते हुए एविएशन इंडस्ट्री की रेटिंग घटाई गई है. 


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क्या है QIP


क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने का एक जरिया है. शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी क्यूआईपी के तहत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (क्यूआईबी) को वॉरंट के अलावा शेयर, आंशिक या पूर्णत: परिवर्तनीय डिबेंचर जैसी सिक्योरिटीज जारी कर पूंजी जुटाती है. ये सिक्योरिटी तय अवधि के बाद शेयरों में परिवर्तित कर दी जाती हैं.  प्रिफरेंशियल आवंटन के अलावा जल्द पूंजी जुटाने का यह दूसरा जरिया है. सेबी ने घरेलू कंपनियों को कम अवधि में बाजार से पैसे जुटाने की सुविधा देने के लिए 2006 में इसकी शुरुआत की थी. इसका मकसद विदेशी पूंजी पर घरेलू कंपनियों की अत्यधिक निर्भरता में कमी लाना भी था.

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