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ज्‍वैलरी उद्योग का दावा- सोने पर आयात शुल्क में वृद्धि से तस्करी को मिलेगा बढ़ावा, सरकार के खजाने पर भी असर पड़ेगा

मई में सोने का कुल आयात 23 अरब डॉलर तक पहुंच गया था.

मई में सोने का कुल आयात 23 अरब डॉलर तक पहुंच गया था.

सरकार ने आयात का दबाव कम करने और डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये को संभालने के लिए सोने पर आयात शुल्‍क 5 फीसदी बढ़ा दिया है. अचानक इस फैसले से ज्‍वैलरी उद्योग सकते में है और उसने सरकार से फैसले की समीक्षा करने की गुहार लगाई है. उद्योग का कहना है कि इससे सोने की तस्‍करी और कालाबाजारी को बढ़ावा मिल सकता है.

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नई दिल्‍ली. आभूषण उद्योग जगत के कारोबारियों और विशेषज्ञों ने कहा है कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 फीसदी करने से तस्करी को बढ़ावा मिलेगा. इसका असर सरकार के खजाने पर भी पड़ सकता है, लिहाजा केंद्र को सोने पर शुल्क दर की समीक्षा करनी चाहिए.

इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 1 जुलाई को सोने के बढ़ते आयात और चालू खाते के घाटे (सीएडी) पर अंकुश लगाने के लिए पीली धातु पर आयात शुल्क 10.75 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया. यह फैसला 30 जून से ही प्रभावी हो चुका है. अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के अध्यक्ष आशीष पेठे ने कहा, सोने के आयात शुल्क में अचानक बढ़ोतरी ने हमें चकित कर दिया है. हम भारतीय होने के नाते डॉलर के मुकाबले रुपये के संबंध में सरकार की स्थिति को समझते हैं, लेकिन यह बढ़ोतरी पूरे उद्योग को प्रभावित करेगा और इससे तस्करी को भी बढ़ावा मिल सकता है.
उन्होंने कहा कि जीजेसी घरेलू उद्योग के पक्ष में स्थिति को सुलझाने के लिए सरकार के साथ बातचीत करेगी.

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डब्‍ल्‍यूजीसी की चेतावनी-कालाबाजारी बढ़ेगी
विश्व स्वर्ण परिषद (डब्‍ल्‍यूजीसी) के क्षेत्रीय सीईओ (भारत) सोमसुंदरम पीआर ने कहा कि भारत में सोने की मांग ज्यादातर आयात के जरिये पूरी की जाती है. इस कारण कई बार भारतीय रुपये की विनिमय दर में गिरावट से कुछ समस्या बढ़ जाती है. अभी महंगाई की ऊंची दर और बढ़ते व्यापार असंतुलन के बीच रुपये की विनिमय दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है. ऐसे में सोने पर आयात शुल्क में वृद्धि का उद्देश्य सीमा पार से खरीद घटाना और रुपये पर दबाव कम करना है.

सोमसुंदरम ने कहा, ‘हालांकि, सोने पर कुल कर अब 14 फीसदी से बढ़कर 18.45 फीसदी हो गया है और अगर यह कदम रणनीतिक या अस्थायी नहीं है तो इसके कारण सोने के बाजार पर दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और इससे देश में कालीबाजारी भी बढ़ेगी.’

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ग्राहकों पर ज्‍यादा असर नहीं, उद्योग प्रभावित होंगे
मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के चेयरमैन अहमद एमपी ने कहा कि कर चोरी और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए ही पिछले साल सोने पर आयात शुल्क कम किया गया था. उन्होंने कहा, ‘लेकिन आयात शुल्क में ताजा बढ़ोतरी से फिर से तस्करी को बढ़ावा मिलेगा. हम सरकार से सोने पर आयात शुल्क वृद्धि की समीक्षा करने का आग्रह करते हैं. पीएनजी जूलर्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सौरभ गाडगिल ने कहा, ‘ऐसे समय में जब उद्योग सोने पर शुल्क कम करने पर जोर दे रहा था, पीली धातु के आयात पर शुल्क में पांच फीसदी की बढ़ोतरी का फैसला चौंकाने वाला है. इससे ग्राहकों पर तो ज्‍यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उद्योग प्रभावित होंगे.

Tags: Business news, Business news in hindi, Gold price, Import-Export

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