Home /News /business /

inflation fmcg sales down december quarter rural sector plays a major role samp

महंगाई की मार! कीमतें बढ़ने से दैनिक उपयोग के सामान की खपत पर पड़ा असर : NielsenIQ रिपोर्ट

भारतीय एफएमसीजी कंपनियों ने अपनी खपत को धीमा कर दिया है

भारतीय एफएमसीजी कंपनियों ने अपनी खपत को धीमा कर दिया है

रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले उत्पाद बनाने वाली भारतीय कंपनियों (FMCG) को वर्ष 2021 में मुद्रास्फीति की वजह से शहरी बाजारों में खपत में सुस्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में गिरावट की स्थिति का सामना करना पड़ा.

नई दिल्ली. महंगाई का असर अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. आम लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण भारतीय एफएमसीजी कंपनियों ने अपनी खपत को धीमा कर दिया है. यह बात शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों दोनों में देखने को मिल रही है. यह बात एक सर्वे में सामने आई है.

रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले उत्पाद बनाने वाली भारतीय कंपनियों (FMCG) को वर्ष 2021 में मुद्रास्फीति की वजह से शहरी बाजारों में खपत में सुस्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में गिरावट की स्थिति का सामना करना पड़ा. आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली फर्म नीलसन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि ऊंची मुद्रास्फीति से परेशान इन कंपनियों को बार बार कीमतों में वृद्धि करने के लिए मजबूर होना पड़ा था.

ये भी पढ़ें: सस्ते में सोना खरीदने का आखिरी मौका, आज बंद हो रहा है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का सब्सक्रिप्शन

नीलसनआईक्यू द्वारा जारी उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, पांच तिमाहियों में सकारात्मक वृद्धि के बाद मुद्रास्फीति के कारण ग्रामीण मांग में तेज गिरावट के कारण, एक साल पहले की तुलना में तेजी से आगे बढ़ने वाले उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री की मात्रा में 2.6% की गिरावट आई है.

वर्ष 2021 में एफएमसीजी उद्योग को लगातार तीन तिमाहियों में अपने मार्जिन को बचाने के लिए दहाई अंक में दाम बढ़ाने पड़े. इसकी वजह से वर्ष 2020 की तुलना में बीते साल कीमत नियंत्रित वृद्धि 17.5 फीसदी पर पहुंच गई. नीलसन आईक्यू की खुदरा बुद्धिमत्ता टीम की बनाई गई एफएमसीजी स्नैपशॉट रिपोर्ट कहती है कि अक्टूबर दिसंबर 2021 तिमाही में भी एफएमसीजी उद्योग को मुद्रास्फीति दबावों की वजह से खपत में 2.6 प्रतिशत की गिरावट का सामना करना पड़ा.

ये भी पढ़ें: Gujarat Budget 2022-23: चुनावी साल में गुजरात सरकार ने पेश किया 2.43 लाख करोड़ से ज्‍यादा का बजट, जानें बड़ी बातें

नीलसनआईक्यू के साउथ एशिया क्लस्टर लीड दीपांशु रे ने कहा कि ग्रामीण भारत के उपभोक्ता महंगाई से निपटने के लिए छोटे पैक साइज की ओर लौट रहे हैं. हालांकि, दिसंबर तिमाही में बड़ी कंपनियों द्वारा की गई कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण भारत में एफएमसीजी के लिए मूल्य के संदर्भ में सालाना आधार पर 9.6% की वृद्धि देखी गई. पूरे वर्ष के लिए, FMCG उद्योग ने 17.5% की वृद्धि दर्ज की.

पर्सनल केयर और होम केयर जैसी गैर खाद्य श्रेणियों ने दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 5.9% की गिरावट दर्ज की, जबकि खाद्य पदार्थों की मात्रा 1.2% कम थी. NielsenIQ ने कहा कि गैर खाद्य श्रेणियां, वॉल्यूम में तनाव का सामना कर रही हैं.

Tags: Business news in hindi, Inflation

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर