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जनवरी में 6 साल के उच्चतम स्तर पर जा सकती है महंगाई दर: रिपोर्ट

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Updated: February 10, 2020, 8:57 PM IST
जनवरी में 6 साल के उच्चतम स्तर पर जा सकती है महंगाई दर: रिपोर्ट
जनवरी में 6 साल के उच्चतम स्तर पर जा सकती है महंगाई दर

अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक, जनवरी में माह में सब्जियों और दूध की कीमतों में तेजी आने के बाद महंगाई दर (Inflation) पिछले 6 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है.

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  • Last Updated: February 10, 2020, 8:57 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले महीने के लिए यानी जनवरी के लिए खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) बीते 6 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जिक्र किया है. इस रिपोर्ट में रॉयटर्स ने कुछ अर्थशास्त्रियों (Economists) का पोल लिया था, जिसके आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है. अगर इस रिपोर्ट के मुताबिक ही जनवरी महीने में खुदरा महंगाई पिछले 6 साल के उच्च्तम स्तर पर रहता है तो भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई अगली बैठक में भी नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला ले सकता है.

जनवरी में कितनी रह सकती है महंगाई दर
करीब 40 अर्थशास्त्रियों को इस पोल में शामिल किया गया था जिन्होंने 5 से 7 फरवरी के बीच अपनी राय दी. इनके मुताबिक, जनवरी महीने के लिए खुदर महंगाई दर 7.40 फीसदी के स्तर पर रह सकती है. इसक पहले मई 2014 में खुदरा महंगाई दर 7.35 फीसदी के स्तर पर थी. हालांकि, करीब आधे अर्थशास्त्रियों ने माना कि जनवरी महीने में आम लोगों पर खर्च का बोझ कम हुआ है. लेकिन, किसी भी नहीं कहा कि मध्यावधि में आरबीआई द्वारा तय किए 2 से 6 फीसदी के टार्गेट के दायरे में महंगाई दर रहेगी.



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याद दिला दें कि बीते 6 फरवरी को खत्म हुए 3 दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों के 5.15 फीसदी के स्तर पर कायम रखा. इस बैठक में आरबीआई ने मुद्रास्फिति अनुमान को रिवाइज करते हुए कहा कि यह अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में 5 से 5.4 फीसदी के बीच रह सकता है.

जनवरी में सब्जियों व दूध की कीमतों में तेजीकई अन्य जानकारों को मानना है कि उम्मीद की जा रही है जनवरी महीने में महंगाई दर में इजाफो देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि साप्ताहिक आंकड़ों से पता चलता है कि सब्जियों की कीमतों में तेजी आई है. वहीं, सप्लाई दबाव की वजह से दुध व इससे बने वाले उत्पादों की कीमतों में तेजी आई है. हालांकि, कुछ हालिया आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि कुछ सब्जियों के दा में गिरावट रही है. इनमें प्याज की कीमतें भी शामिल हैं.



 

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अब सरकार के पाले में महंगाई काबू करने की जिम्मेदारी
बता दें कि पिछले एक साल में आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दरों में करीब 135 आधार अंकों की कटौती की है. अब उम्मीद की जा रही है कि कुछ समय तक आरबीआई ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा. अगर ऐसा होता है कि केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी होगी की वह सुस्त अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे. हालांकि, यूनियन बजट में सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए रोजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 3.5 फीसदी से बढ़ाकर 3.8 फीसदी कर दिया है.

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First published: February 10, 2020, 8:56 PM IST
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