लाइव टीवी

व्हिसलब्लोअर शिकायत पर नहीं मिले सबूत, इंफोसिस का शेयर 6% से ज्यादा बढ़ा

News18Hindi
Updated: November 4, 2019, 2:20 PM IST

देश की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) ने कहा कि प्राथमिक जांच में व्हिसलब्लोअर (Whistleblower) के आरोपों की पुष्टि के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2019, 2:20 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. देश की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) ने कहा कि प्राथमिक जांच में व्हिसलब्लोअर (Whistleblower) के आरोपों की पुष्टि के कोई सबूत नहीं मिले हैं. इंफोसिस की ओर से यह बयान आने के बाद सोमवार को कंपनी के शेयरों में 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई. बता दें कि व्हिसलब्लोअर ने Infosys के मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगते हुए दावा किया था कि कंपनी ने अपना मुनाफा और आमदनी बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाए हैं.

नहीं मिले कोई ठोस सबूत
2 नवंबर को कंपनी की ओर से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजे गए एक लेटर में कंपनी ने कहा कि इस अज्ञात कर्मचारियों की ओर से आई शिकायतों पर अभी भी जांच चल रही है लेकिन अभी तक कंपनी इन शिकायतों की विश्वसनीयता और आधार पर टिप्पणी करने की हालत में नहीं है. कंपनी को इन शिकायतों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं. कंपनी ने बताया कि पिछले महीने यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने इन व्हिसलब्लोअर्स की शिकायतों पर जांच शुरू की थी.

इंफोसिस का शेयर 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ा

व्हिसलब्लोअर के आरोप का कोई सबूत नहीं मिलने से सोमवार के कारोबार में इंफोसिस का शेयर 6 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया. बीएसई पर इंफोसिस का शेयर 6.47 फीसदी की उछाल के साथ 732.50 रुपये पर पहुंच गया.



बता दें कि कंपनी में काम करने वाले कुछ गुमनाम कर्मचारियों ने 17 सितंबर को बोर्ड को एक खत लिखा था, जिसमें कंपनी के CEO सलिल पारेख और CFO निलंजन रॉय के खिलाफ पिछली दो तिमाहियों (अप्रैल-सितंबर) में मैनेजमेंट और अकाउंटिंग में कई तरह की गड़बड़ियां करने का आरोप लगाया था. दोनों पर आरोप था कि उन्होंने शॉर्ट टर्म प्रॉफिट बढ़ा हुआ दिखाने और खर्चों को कम दिखाने के लिए अनियमतिताएं की थीं. बोर्ड से कोई जवाब न आने पर व्हिसलब्लोअर्स ने 3 अक्टूबर को US के व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन प्रोग्राम के पास खत भेजा.
Loading...

ये भी पढ़ें: देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने 2568 ब्रांच पर लगाया ताला, जानें क्या है वजह?

कंपनी की मैनेजमेंट ने कहा मामले की जांच कंपनी की ऑडिटिंग टीम कर रही है. हालांकि, 23 अक्टूबर को यह भी खबर आई थी कि यह मामला SEBI के पास भी जा सकता है. गौरतलब है कि इंफोसिस पर बिग बुल राकेश झुनझुनवाला ने पहले ही नेटवर्क-18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा था कि व्हिसलब्लोअर की ऐसी शिकायतों पर मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए. व्हिसलब्लोअर की शिकायतें संदिग्ध नजर आती हैं. SEBI को इस मामले में  सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. SEBI को इंफोसिस में सौदों जांच करनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: SBI शुरू कर रहा नीलामी, आधी से भी कम कीमत पर खरीदें प्रॉपर्टी! ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

(हिंदी मनीकंट्रोल इनपुट के साथ)

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 4, 2019, 2:20 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...