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इन्फोसिस मामले की जांच करेगी NFRA, सरकार ने दिए आदेश

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Updated: October 24, 2019, 5:24 PM IST
इन्फोसिस मामले की जांच करेगी NFRA, सरकार ने दिए आदेश
इन्फोसिस (Infosys) के CEO और CFO पर लगे गंभीर आरोपों की जांच NFRA करेगी.

इन्फोसिस बोर्ड को एक ग्रुप ने 20 सितंबर को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में इन्फोसिस के CEO और CFO पर मुनाफे और आमदनी को बढ़ाने के लिए अनौतिक कदम उठाने का आरोप है. अब इस मामले की जांच के आदेश सरकार ने दे दिए है.

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  • Last Updated: October 24, 2019, 5:24 PM IST
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नई दिल्ली. देश की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) के CEO और CFO पर लगे गंभीर आरोपों के बाद मोदी सरकार ने NFRA (National Financial Reporting Authority) को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए है. इससे पहले भारतीय शेयर बाजार रेग्यूलेटर SEBI और अमेरिकी शेयर बाजार के रेग्यूलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने भी जांच शुरू कर दी है. इन्फोसिस ने गुरुवार को ये जानकारी दी. आपको बता दें कि 'एथिकल एम्प्लॉइज' नाम के इन्फोसिस के इस अज्ञात कर्मचारियों के समूह ने इन्फोसिस बोर्ड (Infosys Board) और अमेरिकी शेयर बाजार रेग्यूलेटर SEC को एक चिट्ठी लिखकर कई गंभीर आरोप लगाए है. आरोप है कि  कंपनी के CEO और CFO ने मुनाफा और आमदनी बढ़ाने के लिए 'अनैतिक' कदम उठाए हैं.

सरकार ने दिए इन्फोसिस की जांच के आदेश- मोदी सरकार ने National Financial Reporting Authority को इस मामले की जांच करने के लिए कहा है. CNBC-TV18 को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इन्फोसिस के वित्तीय अकाउंट की जांच करेगी. वहीं, आईटी दिग्गज इन्फोसिस में गड़बड़ी के बारे में व्हिसलब्लोअर की शिकायत पर अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने जांच शुरू कर दी है.

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क्या है मामला-इन्फोसिस बोर्ड को एक ग्रुप ने 20 सितंबर को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में भेजी गई अपनी शिकायत में कर्मचारियों के ग्रुप ने कहा है कि इन्फोसिस ने अपने मुनाफे और आमदनी को बढ़ाने के लिए अनौतिक कदम उठाए हैं.

कंपनी के मौजूदा सीईओ सलिल पारेख भी इसमें शामिल हैं. रिपोर्ट का दावा है कि सलिल पारेख बड़ी डील में मार्जिन्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए दबाव बनाते हैं. साथ ही, आमदनी और मुनाफे का गलत अनुमान बताने को कहते हैं.

इन्फोसिस के सीएफओ नीलांजन रॉय भी इसमें शामिल हैं. ग्रुप ने इससे जुड़े प्रमाण की कॉपियां मेल के साथ अटैच की हैं और वे इस मामले की तत्काल जांच चाहते हैं. 'वायस रिकॉर्डिंग और ई-मेल से यह पता चलता है कि किस तरह से CEO और CFO ने ऑडिटर को नजरअंदाज कर ये काम किए और ऑडिटर को बदल देने की भी धमकी दी.
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First published: October 24, 2019, 4:02 PM IST
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