केंद्र सरकार का अलर्ट! MSME प्रमोशन काउंसिल कर रहा नाम का गलत इस्‍तेमाल, झांसे में ना आएं लोग

MSME मंत्रालय ने चेतावनी जारी है कि एमएसएमई निर्यात संवर्धन परिषद अनाधिकृत गतिविधियों में शामिल है.
MSME मंत्रालय ने चेतावनी जारी है कि एमएसएमई निर्यात संवर्धन परिषद अनाधिकृत गतिविधियों में शामिल है.

माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज मिनिस्‍ट्री (Ministry of MSME) ने आम लोगों के लिए चेतावनी (Alert) जारी की है कि एमएसएमई निर्यात संवर्धन परिषद (MSME Export Promotion Council) नाम का संगठन गलत और अनाधिकृत गतिविधियों में शामिल है. मंत्रालय ने साफ किया है कि संगठन को भारत सरकार की ओर से किसी भी तरह की नियुक्ति करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 18, 2020, 6:12 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने एमएसएमई निर्यात संवर्धन परिषद (MSME Export Promotion Council) को लेकर चेतावनी जारी की है. केंद्र की ओर से कहा गया है कि एमएसएमई एक्‍सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्योग मंत्रालय (Ministry of MSME) से संबंद्ध नहीं है. एमएसएमई मंत्रालय ने चेतावनी में कहा है कि लोग इस संगठन की अनाधिकृत और गलत गतिविधियों (Mischievous Activities) से सतर्क रहें. साथ ही साफ किया है कि यह संगठन खुद को मंत्रालय का हिस्सा बताकर लोगों को झांसे में ले रहा है. दरअसल, इस संगठन ने निदेशक पद के लिए नियुक्ति पत्र से जुड़े कुछ मैसेज जारी किए हैं.

एमएसएमई मंत्रालय ने कहा, संगठन से कोई संबंध नहीं
एमएसएमई मंत्रालय ने कहा है कि एमएसएमई निर्यात संवर्धन परिषद की ओर से निदेशक पद के लिए जारी नियुक्ति पत्र से जुड़े कुछ मैसेज सोशल मीडिया (Social Media) पर डाले जा रहे हैं. दरअसल, यह संगठन एमएसएमई मंत्रालय के नाम का गलत इस्‍तेमाल (Misuse) कर रहा है. इस संगठन का उससे कोई संबंध नहीं है. साथ ही स्‍पष्‍ट किया है कि संगठन को भारत सरकार (Central Government) की ओर से किसी भी तरह की नियुक्ति करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है. लोगों को अलर्ट किया जाता है कि वे इस तरह के संदेशों या गलत तत्वों के बहकावे में न आएं.

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एमएसएमई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का स्‍पष्‍टीकरण


एमएसएमई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने अपनी वेबसाइट पर साफ तौर पर लिखा है कि यह एक प्राइवेट कंपनी है. इसका भारत सरकार के किसी भी विभाग से कोई संबंध नहीं है. इसके अलावा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए सरकार कृषि क्षेत्र के विकास के साथ ही गांव में उद्योगों को बढ़ावा देने में जुट गई है. इसके लिए ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के तहत एमएसएमई मंत्रलय की ओर से गांवों में अगरबत्ती निर्माण, मधुमक्खी पालन और मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है. इसके तहत ग्रामीणों को उद्योग लगाने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी. सरकार तीनों क्षेत्रों में एक से दो साल बाद क्लस्टर वेस्‍ड प्रोडक्‍शन शुरू करने की योजना बना रही है.
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