Gold Jewellery Hallmarking: अब 20 कैरेट और 22 कैरेट सोने के गहनों की भी हॉलमार्किंग की मांग

बैठक में सर्राफा व्यापारी संघों, हॉलमार्किंग केंद्रों, के अलावा उपभोक्ता मामले विभाग और BIS के अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

सोने के गहनों की हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने की डेडलाइन एक जून से बढ़ाने का निर्णय केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया.

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    अब नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सोमवार को कोविड-19 (Covid-19) महामारी की दूसरी लहर की वजह से सोने के आभूषणों (Gold jewellery) और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग (Hallmarking) की समय सीमा 15 जून कर दी है. इस बीच, 20 कैरेट और 22 कैरेट सोने के गहनों को भी हॉलमार्किंग श्रेणी में शामिल करने की मांग उठी है.
    कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने गोयल को हॉलमार्क की तिथि बढ़ाने एवं समिति के गठन को एक सकारात्मक कदम बताया है. भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि 20 कैरेट और 22 कैरेट सोने के गहनों को भी हॉलमार्किंग श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि 20 कैरेट सोने के गहने ज्यादातर उत्तर भारत में बेचे जाते हैं जबकि 24 कैरेट सोने के गहने महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में बेचे जाते हैं. साथ ही पोल्की और हेरिटेज ज्वैलरी के हॉलमार्क सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को भी गाइडलाइंस में शामिल किया जाए. वहीं, उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया. पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में सोने के आभूषणों में दुनिया के सर्वोत्तम मानक होने चाहिए. उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बिना किसी और देरी के हॉलमार्क प्रमाणित सोना जल्द से जल्द पूरे देश में मिल जाना चाहिए.
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    केवल 30 फीसदी भारतीय स्वर्ण आभूषण हॉलमार्क
    इससे पहले, सरकार द्वारा 15 जनवरी 2020 को सोने के आभूषणों / कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किया गया था, लेकिन गैर-हॉलमार्क वाले आभूषणों के पुराने स्टॉक को हटाने के लिए आखिरी तारीख 1 जून 2021 तक बढ़ा दी गई थी. भारतीय मानक ब्यूरो की हॉलमार्किंग योजना के तहत, जौहरी हॉलमार्क वाले आभूषण बेचने और परीक्षण और हॉलमार्किंग केंद्रों को मान्यता देने के लिए रजिस्टर्ड हैं. वर्तमान में, केवल 30 फीसदी भारतीय स्वर्ण आभूषण हॉलमार्क हैं. पूरे भारत में करीब 4 लाख ज्वैलर्स हैं जो बड़ी संख्यां में स्थानीय कारीगरों को रोजगार देकर उनको आजीविका कमाने का अवसर देते हैं.
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    कॉर्डिनेशन के लिए समिति का गठन
    सही कॉर्डिनेशन सुनिश्चित करने और इसे लागू करने के मुद्दों को हल करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था. प्रमोद तिवारी डीजी (BIS) समिति के संयोजक होंगे. अतिरिक्त सचिव, उपभोक्‍ता मामले विभाग की निधि खरे और ज्वैलर्स एसोसिएशन, ट्रेड, हॉलमार्किंग बॉडी आदि के प्रतिनिधि समिति का गठन करने जा रहे हैं. पीयूष गोयल भारतीय मानक ब्यूरो, उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित एक वेबिनार और सम्मेलन में भारत में स्वर्ण आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग के कार्यान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा कर रहे थे.
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    रचनात्मक सुझावों को शामिल किया जाएगा : गोयल
    बैठक में सर्राफा व्यापार के विभिन्न संघों, हॉलमार्किंग केंद्रों, देश भर के ज्वैलर्स, सोने के कारोबार के व्यापार और निर्यात निकायों के अलावा उपभोक्ता मामले विभाग और BIS के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. बैठक में पीयूष गोयल ने कहा कि रचनात्मक सुझावों को शामिल किया जाएगा और इन्हें लागू करने में शुरूआती मुद्दों को हल किया जाएगा.
    कैरेट और 22 कैरेट सोने के गहनों को भी हॉलमार्किंग श्रेणी में शामिल किया जाए

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