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INR vs USD: रूस यूक्रेन संकट के बीच रुपया 2 महीने के निचले स्तर पर, मुद्रास्फीति की चिंता बढ़ी

INR vs USD: रूस यूक्रेन संकट के बीच रुपया 2 महीने के निचले स्तर पर, मुद्रास्फीति की चिंता बढ़ी

 सोमवार को रुपया 24 पैसे के नुकसान से सात सप्ताह के निचले स्तर 75.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

सोमवार को रुपया 24 पैसे के नुकसान से सात सप्ताह के निचले स्तर 75.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

रुपया आज 75.60 प्रति डॉलर पर खुला. बाद में फिसलकर यह 12 पैसे के नुकसान से 75.72 प्रति डॉलर पर आ गया. सोमवार को रुपया 24 पैसे के नुकसान से सात सप्ताह के निचले स्तर 75.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. रूस यूक्रेन संघर्ष के कारण भारतीय रुपया (INR) अपने 2 महीने के निचले स्तर 75.66 के स्तर पर आ गया है

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INR vs USD: रूस यूक्रेन संघर्ष के कारण भारतीय रुपया (INR) अपने 2 महीने के निचले स्तर 75.66 के स्तर पर आ गया है. कमोडिटी और मुद्रा बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, रूस यूक्रेन संकट से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जो यूएस फेड और दुनिया भर के अन्य केंद्रीय बैंकों के लिए और चिंताएं बढ़ा सकती है.

उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध जैसी स्थिति से कच्चे तेल की कीमतों के और बढ़ने की उम्मीद है. इस कारण भारत के अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) के बाहर निकले से और दबाव पड़ेगा. लिहाजा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में और कमजोरी आएगी.

सोमवार को भी गिरा था रुपया 
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया आज 75.60 प्रति डॉलर पर खुला. बाद में फिसलकर यह 12 पैसे के नुकसान से 75.72 प्रति डॉलर पर आ गया. सोमवार को रुपया 24 पैसे के नुकसान से सात सप्ताह के निचले स्तर 75.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. वही छह मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी मुद्रा का रुख दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 प्रतिशत के गिरावट लेकर 96.19 पर आ गया.

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क्रूड और महंगा हो सकता है 
रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक श्रीराम अय्यर ने कहा, ‘‘रूस-यूक्रेन तनाव और कच्चे तेल पर इसके प्रभाव तथा संभावित उच्च वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता रुपया में सुधार को सीमित कर सकती हैं.’’ इस बीच, वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 0.68 प्रतिशत गिरकर 95.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

घरेलू मुद्रास्फीति में यह वृद्धि आगे भी जारी रहने का अनुमान 
आईआईएफएल सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा, “पिछले दो महीनों में, भारतीय रुपया लगभग 1.80 प्रतिशत तक करेक्ट हुआ है. आज यह 2 महीने के निचले स्तर ₹75.66 पर पहुंच गया है. भारतीय मुद्रा में यह गिरावट अमेरिकी डॉलर के भारत में बढ़ती मुद्रास्फीति दर के कारण है, जो कल पिछले सप्ताह के 5.59 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 5.66 प्रतिशत हो गया. घरेलू मुद्रास्फीति में यह वृद्धि आगे भी जारी रहने की उम्मीद है. यदि रूस यूक्रेन संकट जल्द ही समाप्त नहीं होता है.

यह भू-राजनीतिक संकट ने पहले ही कच्चे तेल की कीमतों को हाई पर पहुंचा दिया है. यह निकट अवधि में $ 100 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है. यदि रूस यूक्रेन युद्ध जैसी स्थिति आगे भी जारी रहती है, तो उस स्थिति में यह शॉर्ट टर्म में $ 105 प्रति बैरल तक जा सकती है. “

Tags: Currency, Dollar, Market, Rupee weakness

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