आपने भी ली है इंश्योरेंस पॉलिसी तो रहें सावधान, नहीं तो हो सकते हैं फ्रॉड के शिकार

आपने भी ली है इंश्योरेंस पॉलिसी तो रहें सावधान, नहीं तो हो सकते हैं फ्रॉड के शिकार
इरडा ने इंश्योरेंस पॉलिसी को लेकर फ्रॉड से सतर्क रहने को कहा है.

इंश्योरेंस प्रोडक्ट बेचने के नाम पर जालसाज लोगों को लुभावने ऑफर के नाम पर धोखा देते हैं. इसी संबंध में इंश्योरेंस रेग्युलेटरी अथॉरिटी ने आम जनता को आगाह किया है. ये ठग किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर लोगों को चूना लगाते हैं.

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नई दिल्ली. अमूमन हर किसी को इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए कॉल आता रहता है. लेकिन, कई बार ये कॉल किसी फ्रॉड का भी हो सकता है जो​ किस इंश्योरेंस पॉलिसी (Insurance Policy Fraud) के नाम पर आपको चुना लगा सकते हैं. इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने इसी तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क किया है. IRDAI ने संभावित इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदारों के लिए कुछ बातें भी बताई हैं, जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है. IRDAI ने बताया कि कई लोगों के साथ अब भी इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर फ्रॉड हो रहा है.

ये ठग आरबीआई, इंश्योरेंस ट्रांजैक्शन डिपार्टमेंट या अन्य सरकारी एजेंसिसयों के नाम पर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. कॉल करने वाले ये ठग इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर कुछ शानदार फायदे देने और लैप्स हो चुकी पुरानी पॉलिसी को रिवाइव करने का छलावा देते हैं. कई बार तो मौजूदा इंश्योरेंस पॉलिसी पर ज्यादा ​रकम का क्लेम करने की बात कह कर लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं.

इसी संबंध में ने एक बार फिर कहा है कि वो किसी भी तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी या किसी फाइनेंशियल प्रोडक्ट में सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं निभाती है. ऐसे में अगर किसी को IRDAI की तरफ से ऐसी कॉल आती है तो वो समझ जाएं कि ये एक फ्रॉड कॉल है. IRDAI ने इस बात पर भी जोर दिया है ऐसे किसी भी कॉल की सत्यता के बारे में पता करने के बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए. किसी भी तरह की पॉलिसी खरीदने के लिए लोगों को सीधे तौर पर इंश्योरेंस कंपनी या उसके द्वारा अधिकृत एजेंट से ही संपर्क करना चाहिए.



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>> किसी भी पॉलिसी खरीदने या बेचने की प्रक्रिया में IRDAI सीधे तौर पर या अपने प्रतिनिधि के जरिए किसी व्यक्ति से संपर्क करती है. IRDAI अपने स्तर पर कोई भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट नहीं बेचती है.

>> IRDAI/IGMS किसी भी इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्राप्त किए प्रीमियम इन्वेस्ट नहीं करती है.

>> IRDAI/IGMS किसी भी पॉलिसीधारक या इंश्योरर के लिए बोनस का ऐलान नहीं करती है.

>> IRDAI या शिकायत संबंधी विभाग का कोई भी अधिकारी किसी पॉलिसीधारक को कॉल नहीं करते हैं. IRDAIया उसके अधिकारी एक सुविधाजनक भूमिका निभाते हैं और किसी भी शिकायत पर अंतिम निर्णय नहीं लेते हैं.

>> अगर को शख्स IRDAI/IGMS का डॉक्युमेंट/लेटर हेड दिखाकर गलत दावे करता है तो इसे फेक डॉक्युमेंट माना जाना चाहिए. कई फ्रॉड इन फेक डॉक्युमेंट की मदद से बोनस या कमीशन का लालच देते हैं.

>> अगर कोई व्यक्ति IRDAI/IGMS की आईडी कार्ड दिखाकर इंश्योरेंस प्रोडक्ट बेचने या किसी भी तरह से पैसे संबंधी ट्रांजैक्शन की बात करता है तो यह फ्रॉड हो सकता है. IRDAI/IGMS का कोई अधिकारी इस तरह के काम के लिए अधिकृत नहीं होता है.

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>> अगर कोई व्यक्ति ऐसे तरह शख्स से पैसों का लेनदेन करता है तो संभावी जोखिम का जिम्मेदार होगा.

>> इरडा सलाह देता है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे किसी मामले से सामना करता है तो इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहिए. उन्हें कॉलर की डिटेल संबंधी अन्य जरूरी जानकारी देनी चाहिए.
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