डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के लिए जल्द आएगी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी
हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी

हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को जल्दी ही मच्छर और कीटाणुओं से होने वाली डेंगू (Dengue), मलेरिया (Malaria) जैसी बीमारियों के इलाज के लिए इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराने की अनुमति मिलेगी.

  • भाषा
  • Last Updated: November 13, 2020, 11:38 PM IST
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नई दिल्ली. हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को जल्दी ही मच्छर और कीटाणुओं से होने वाली डेंगू (Dengue), मलेरिया (Malaria) और चिकुनगुनिया (Chikungunya) जैसी बीमारियों (वेक्टर जनित बीमारी) के इलाज के लिए इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराने की अनुमति मिलेगी.

IRDA ने जारी किया मसौदा
इंश्‍योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (Insurance Regulatory and Development Authority) ने शुक्रवार को वेक्टर जनित बीमारी के मानकों को लेकर मसौदा जारी किया. इससे हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस कंपनियां एक साल के लिए इस प्रकार की पॉलिसी की पेशकश के लिये प्रोत्साहित होंगी.

15 दिन की होगी प्रतीक्षा अवधि
इरडा ने कहा कि इसका मकसद एक स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट लाना है जो लोगों की वेक्टर जनित बीमारियों के इलाज को शामिल करे. प्रस्ताव के तहत इंश्योरेंस पॉलिसी की अवधि एक साल होगी और इसमें प्रतीक्षा अवधि 15 दिन की होगी.



27 नवंबर तक मांगी राय
इंश्योरेंस पॉलिसी में डेंगू बुखार, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजर, चिकुनगुनिया, जापानी बुखार और जाइका विषाणु के इलाज को शामिल किया जाएगा. नियामक ने संबंधित पक्षों से मसौदे पर 27 नवंबर तक अपनी राय देने को कहा है.

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1 जनवरी से इंश्योरेंस कंपनियां देंगी यह पॉलिसी
दूसरी ओर, देश की सभी इंश्योरेंस कंपनियों को 1 जनवरी 2021 से अनिवार्य तौर पर स्टैंडर्ड इंडीविजुअल टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी (Term Life Insurance Policy) देनी होगी, जिसका नाम सरल जीवन बीमा (Saral Jeevan Bima) होगा. दरअसल, इरडा ने लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को 1 जनवरी 2021 तक एक स्टैंडर्ड 'सरल जीवन बीमा' पॉलिसी पेश करने का निर्देश दिया है. इरडा ने कहा कि 'सरल जीवन बीमा' पॉलिसी शुद्ध रूप से एक सावधि जीवन बीमा योजना होगी, जिसे 18 से 65 वर्ष की उम्र का कोई भी व्यक्ति ले सकेगा और इसकी अवधि चार से 40 साल तक होगी.

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